×

हिंदू नववर्ष: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर करें ये 3 महत्वपूर्ण कार्य

हिंदू नववर्ष, जिसे नव संवत्सर कहा जाता है, का पहला दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर कुछ खास कार्य करने से पूरे वर्ष सकारात्मकता और समृद्धि का अनुभव होता है। जानें इस दिन क्या करें, जैसे स्नान, पूजा और मंत्र जाप, जो आपके जीवन में खुशहाली लाएंगे।
 

हिंदू नववर्ष का महत्व


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नववर्ष का पहला दिन बेहद पवित्र है।
हिंदू नववर्ष, जिसे नव संवत्सर के नाम से जाना जाता है, हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इस वर्ष हिंदू नववर्ष 19 मार्च को मनाया जाएगा, जो कि एक गुरुवार है। इस नववर्ष का राजा गुरु बृहस्पति होंगे और यह विक्रम संवत 2023 के अंतर्गत आएगा।


नववर्ष का पहला दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किए गए पूजा-पाठ और शुभ कार्यों से पूरे वर्ष सकारात्मकता, सफलता और समृद्धि का संचार होता है। इसलिए, नववर्ष के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में निम्नलिखित तीन कार्य अवश्य करें।


नववर्ष के दिन करने योग्य कार्य


  • स्नान और पूजा: नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त, यानी सुबह 4 से 5:30 बजे के बीच उठें। इस समय स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। फिर घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान गणेश, माता दुर्गा और भगवान विष्णु की पूजा करें। मान्यता है कि इस समय की गई प्रार्थना जल्दी स्वीकार होती है।

  • गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का जाप: इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में गायत्री या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इन मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है, जिससे मन को शांति मिलती है और सकारात्मक सोच बनी रहती है।

  • विशेष मंत्र का जाप: नववर्ष के पहले दिन सुबह उठकर अपने हाथों को देखकर "कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमूले सरस्वती, करमूले तू गोविंदा, प्रभाते कर दर्शनम्" मंत्र का जाप करें। इस मंत्र से देवी लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।