17 वर्षीय तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन में रचा इतिहास, जीता पहला बैडमिंटन खिताब
तन्वी शर्मा की ऐतिहासिक जीत
ताइपे: भारतीय बैडमिंटन की युवा प्रतिभा, 17 वर्षीय तन्वी शर्मा ने रविवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पंजाब की इस होनहार खिलाड़ी ने ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में विमेंस सिंगल्स का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह उनके करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। फाइनल में, तन्वी ने अपने आक्रामक खेल के चलते वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थुय लिन गुयेन को सीधे गेमों में 21-16, 21-16 से हराया। यह मुकाबला केवल 36 मिनट चला। इस जीत के साथ, तन्वी ताइपे ओपन की सबसे कम उम्र की विजेता बन गई हैं।
कोच के साथ जश्न
कोच को गोल्ड मेडल पहनाया
तन्वी ने अपनी निडर और आक्रामक खेल शैली के चलते भारतीय बैडमिंटन में एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। उनकी जीत के बाद, कोर्ट पर एक भावुक क्षण देखने को मिला। तन्वी ने अपने कोच पार्क ताए-सांग को अपना गोल्ड मेडल पहनाया और दोनों ने गर्व के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियां
बड़े मुकाम हासिल किए
तन्वी, जो पूर्व जूनियर वर्ल्ड नंबर 1 रह चुकी हैं, ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वह वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में एक ही संस्करण में दो मेडल (गर्ल्स सिंगल्स में सिल्वर और मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज) जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। इसके अलावा, वह एशियाई टीम चैंपियनशिप में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं।
फाइनल में शानदार प्रदर्शन
वियतनामी खिलाड़ी पर दबाव
फाइनल मैच की शुरुआत से ही तन्वी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने चालाकी से ड्रॉप शॉट्स का उपयोग करते हुए गुयेन को चकमा दिया और 4-1 की बढ़त बनाई। तन्वी ने अपने तेज स्मैश और नेट पर बेहतरीन टच के जरिए बढ़त को 10-2 कर दिया। हालांकि, गुयेन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन तन्वी ने पहले गेम को 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में, गुयेन ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन तन्वी ने वापसी करते हुए गेम को 21-16 से अपने नाम किया।