1986 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के टेस्ट में चार विकेटकीपर, लेकिन एक भी कैच नहीं
क्रिकेट का अनोखा रिकॉर्ड
नई दिल्ली. क्रिकेट के खेल में हर टीम अपने खिलाड़ियों का बैकअप लेकर मैदान में उतरती है। बल्लेबाज और गेंदबाज के विकल्प मिलना आसान होता है, लेकिन एक से अधिक विकेटकीपर होना दुर्लभ है। क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा मैच हुआ, जिसमें चार विकेटकीपर एक साथ खेले, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि किसी ने भी कैच नहीं पकड़ा।
क्रिकेट के 150 साल के इतिहास में ऐसा केवल एक बार हुआ है जब किसी टेस्ट मैच में चार विकेटकीपर एक साथ नजर आए। यह घटना जुलाई 1986 में लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुई। इस मैच में इंग्लिश टीम ने चार अलग-अलग खिलाड़ियों को विकेटकीपिंग के लिए आजमाया, लेकिन कोई भी कैच नहीं पकड़ सका।
चोट ने खेल को बदल दिया
24 से 29 जुलाई के बीच लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला खेला गया। इंग्लैंड के विकेटकीपर ब्रूस फ्रेंच को इस मैच के दौरान गंभीर चोट लगी। न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी के दौरान तेज गेंदबाज नील फॉस्टर की गेंद उनके चेहरे पर लगी, जिससे उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।
फ्रेंच की चोट के बाद इंग्लिश टीम को समस्या का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनके पास कोई विशेषज्ञ बैकअप विकेटकीपर नहीं था। कप्तान ने बल्लेबाज बिल ऐथे को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी। टेस्ट मैच लंबे होते हैं, इसलिए अनुभवी विकेटकीपर की आवश्यकता थी।
बॉब टेलर का मैदान पर आना
इस बीच, इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर बॉब टेलर, जो इस मैच को गेस्ट के रूप में देख रहे थे, को मैदान पर लाने का निर्णय लिया गया। दो साल पहले उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से संन्यास लिया था। इंग्लैंड के कप्तान डेविड गोवर ने न्यूजीलैंड के कप्तान से अनुरोध किया कि बॉब को विकेटकीपर के रूप में उतारा जाए। उन्होंने सहमति दी और बॉब ने फिर से विकेटकीपिंग ग्लव्स पहने।
बॉब टेलर ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभाली। फ्रेंच चोटिल थे और अगले दिन बॉब टेलर नहीं आए, तो बॉबी पार्क्स को विकेटकीपर के रूप में उतारा गया। इस तरह, एक ही टेस्ट में फ्रेंच, ऐथे, टेलर और पार्क्स ने इंग्लैंड के लिए विकेटकीपिंग की।
चार विकेटकीपर, लेकिन कोई कैच नहीं
न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड ने इस मैच में चार विकेटकीपर उतारे, लेकिन किसी के खाते में एक भी कैच नहीं था। इस मुकाबले में इंग्लिश टीम ने पहली पारी में 307 रन बनाए, जबकि न्यूजीलैंड ने 342 रन बनाए। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 6 विकेट पर 295 रन बनाकर पारी घोषित की। न्यूजीलैंड के सामने 261 रन का लक्ष्य था। पांचवें दिन का खेल खत्म होने तक कीवी टीम ने 2 विकेट पर 41 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया।