☰
×

Asian Games 2026: लवलीना बोरगोहेन ने जीता गोल्ड, नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया

एशियन गेम्स 2026 में भारत की लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता, जबकि नेत्रा कुमानन ने डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। लवलीना की यह पहली एशियन गेम्स गोल्ड है, जिससे भारत की मेडल टैली 70 तक पहुंच गई है। जानें इस शानदार प्रदर्शन के बारे में और अधिक जानकारी।
 

Asian Games 2026 में लवलीना का शानदार प्रदर्शन


Asian Games 2026: भारत की प्रमुख महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में 75 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जिइयी को 5-0 से हराया, जिससे भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 12 हो गई। मुकाबले की शुरुआत में बाओ ने आक्रामकता दिखाई और लगातार पंच मारे, लेकिन लवलीना ने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर काउंटर अटैक किया। पहले राउंड में उन्होंने 3-2 से बढ़त बनाई।


दूसरे राउंड में लवलीना की मजबूती

दूसरे राउंड में भी बाओ ने आक्रामक खेल जारी रखा, लेकिन लवलीना ने अपने डिफेंस और काउंटर पंचिंग से मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने यह राउंड 4-1 से अपने नाम किया। तीसरे राउंड में लवलीना ने अपनी बढ़त का लाभ उठाया और बाओ के हमलों से बचते हुए सटीक काउंटर पंच लगाए। अंततः सभी जजों ने लवलीना के पक्ष में निर्णय दिया और उन्होंने 5-0 से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।


यह लवलीना का एशियन गेम्स में पहला गोल्ड है, और वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं, इससे पहले यह उपलब्धि एमसी मैरी कॉम ने हासिल की थी।


नेत्रा कुमानन का ब्रॉन्ज मेडल

नेत्रा कुमानन ने जीता डिंगी सेलिंग स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल:


भारत की नेत्रा कुमानन ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की डिंगी सेलिंग स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मेडल के साथ भारत की कुल पदक संख्या 70 हो गई। फाइनल की पहली रेस नेत्रा के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, लेकिन उन्होंने दूसरी और अंतिम रेस में शानदार वापसी की। दोनों रेस के बाद नेत्रा और हांगकांग की स्टेफनी लुईस नॉर्टन के अंक बराबर थे।


हेड-टू-हेड से मिला ब्रॉन्ज

बराबर अंक होने के बावजूद नेत्रा को बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड का लाभ मिला, जिसके आधार पर उन्हें तीसरे स्थान पर रखा गया। इस तरह भारत को सेलिंग में एक और ब्रॉन्ज मेडल मिला। इस पदक के बाद भारत की टैली 12 गोल्ड, 24 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज, यानी कुल 70 मेडल हो गई।