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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: पीवी सिंधु की मेडल जीतने की उम्मीदें

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 17 अगस्त से नई दिल्ली में होगा, जहां पीवी सिंधु अपने छठे मेडल की तलाश में हैं। हाल ही में जापान ओपन जीतने वाली सिंधु को 9वीं वरीयता मिली है। जानें उनके पिछले मेडल, चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वियों और संभावित मुकाबलों के बारे में। क्या सिंधु इस बार मेडल जीत पाएंगी? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें।
 

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का आगाज

17 अगस्त से बैडमिंटन की BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का आयोजन नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में भारतीय प्रशंसकों की नजरें पीवी सिंधु पर टिकी रहेंगी, जो इस बार अपने छठे मेडल की तलाश में हैं। उन्हें इस चैंपियनशिप में 9वीं वरीयता दी गई है। हाल ही में सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट जीतकर अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने फाइनल में तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया।


सिंधु की उपलब्धियां

यह सिंधु का पिछले दो वर्षों में पहला खिताब है और 2019 में वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद से उनका सबसे बड़ा टाइटल भी है। इस जीत के दौरान उन्होंने यामागुची के अलावा हान यू और चेन यू फेई जैसी दिग्गज खिलाड़ियों को भी हराया। सिंधु का वर्ल्ड चैंपियनशिप में अभियान आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ शुरू होगा, जिनकी वर्ल्ड रैंकिंग 141 है, जबकि सिंधु 11वें स्थान पर हैं।


सिंधु के मेडल की कहानी

सिंधु के 5 वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल


सिंधु वर्ल्ड चैंपियनशिप में सबसे अधिक मेडल जीतने वाली भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2013 और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीते, जबकि 2017 और 2018 में वह फाइनल तक पहुंची लेकिन सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। पहले नोजोमी ओकुहारा और फिर कैरोलिना मारिन ने उन्हें खिताब जीतने से रोका।


हालांकि, सिंधु ने 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया, जिससे वह वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। उन्होंने फाइनल में ओकुहारा को हराया। यह उनका पांचवां मेडल था, लेकिन इसके बाद से वह इस चैंपियनशिप में कोई मेडल नहीं जीत सकी हैं। इस बार उनकी शुरुआत आसान नहीं होगी, लेकिन मेडल के लिए उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।


सिंधु की चुनौती

सिंधु के सामने कौन-कौन हैं चुनौती


सिंधु का शुरुआती मुकाबला वर्ल्ड नंबर-1 आन से यंग और मौजूदा चैंपियन यामागुची से नहीं होगा। साउथ कोरिया की आन से यंग के खिलाफ सिंधु का रिकॉर्ड खराब है, जहां वह 10 बार आमने-सामने हुई हैं और हर बार हार गई हैं। यामागुची के खिलाफ उनका रिकॉर्ड 16-14 है। मेडल राउंड में सिंधु का सामना आन से यंग और यामागुची से हो सकता है।


राउंड ऑफ 16 में सिंधु का मुकाबला चीन की वांग झी यी से होने की संभावना है, जिनकी वरीयता तीसरी है। इस खिलाड़ी के खिलाफ सिंधु का रिकॉर्ड 4-3 है। क्वार्टर-फाइनल में उनकी भिड़ंत इंडोनेशिया की छठी सीड कुसुमा वरदानी से हो सकती है, जिनके खिलाफ सिंधु ने 3 बार जीत हासिल की है, जबकि 3 बार हार भी मिली है।