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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन टीम की निराशाजनक प्रदर्शन

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन टीम ने निराशाजनक प्रदर्शन किया है। त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी विमेंस डबल्स क्वार्टर-फाइनल में मलेशियाई जोड़ी से हार गई। इस हार के बाद, भारतीय जोड़ी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिली सफलता को पीछे छोड़ दिया। अब पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा से मेडल की उम्मीदें हैं। जानें इस मैच के महत्वपूर्ण पल और आगे की संभावनाएँ।
 

भारतीय बैडमिंटन टीम की निराशा

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन टीम ने निराशाजनक प्रदर्शन किया है। त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी अब मेडल की दौड़ से बाहर हो गई है। उन्हें विमेंस डबल्स क्वार्टर-फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा।


पिछले महीने दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहली बार ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली इस भारतीय जोड़ी को वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 की सिल्वर मेडलिस्ट जोड़ी ने 21-18, 21-9 से आसानी से हरा दिया। वहीं, मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को वर्ल्ड नंबर-1 जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21-14, 18-21, 21-18 से हराया।


क्वार्टर-फाइनल में भारतीय जोड़ी की शुरुआत

त्रिसा और गायत्री एशियाड में अच्छी फॉर्म में आई थीं, और उन्होंने दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। लेकिन मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ वे बेबस नजर आईं। इससे पहले, त्रिसा-गायत्री ने मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ 8 में से 6 मुकाबले हार चुके थे। रविवार (27 सितंबर) को क्वार्टर-फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत में ही 3-8 से पिछड़ गई, लेकिन फिर स्कोर 10-10 कर दिया।


उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए स्कोर 14-14 किया, लेकिन कुछ गलतियों के कारण वे 14-17 से पीछे हो गईं। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी को वापसी का मौका मिला, लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19-16 से बढ़त बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें 4 गेम पॉइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने 2 पॉइंट बचा लिए, लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया।


दूसरे गेम में निरंतर गलतियाँ

दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने 3-0 से बढ़त बनाई, लेकिन मलेशियाई जोड़ी ने 7-3 से बढ़त बना ली। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4-11 से पीछे हो गई। त्रिसा और गायत्री की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिए। इसके बाद उनके लिए वापसी करना असंभव हो गया।


अब विमेंस सिंगल्स में पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा से मेडल की उम्मीदें हैं। क्वार्टर-फाइनल में दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु का सामना चीन की चेन यू फेइ से और उन्नति हुड्डा की टक्कर जापान की अकाने यामागुची से होगी।