×

BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के भविष्य पर उठ रहे सवाल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका कूलिंग-ऑफ पीरियड दिसंबर 2026 में शुरू होगा और जुलाई 2027 में उनकी उम्र 70 वर्ष हो जाएगी। BCCI के संविधान में उम्र के संबंध में स्पष्ट नियम हैं, जिससे उनकी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। 18 सितंबर को होने वाली वार्षिक आम बैठक में उनके पद पर चर्चा होने की संभावना है। क्या शुक्ला अपने पद पर बने रहेंगे या नया चेहरा चुना जाएगा? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी जानकारी।
 

राजीव शुक्ला का भविष्य संदिग्ध

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के भविष्य को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं। उनका तीन साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड दिसंबर 2026 में शुरू होगा, और जुलाई 2027 में उनकी उम्र 70 वर्ष हो जाएगी। BCCI के संविधान में उम्र के संबंध में स्पष्ट नियम हैं, जिससे 18 सितंबर को मुंबई में होने वाली वार्षिक आम बैठक में उनके पद पर चर्चा होना तय है।


एजीएम से पहले स्थिति में असमंजस

राजीव शुक्ला दिसंबर 2020 में निर्विरोध BCCI उपाध्यक्ष बने थे और अब वह इस पद पर लगभग छह साल पूरे करने वाले हैं। हालाँकि, 18 सितंबर को होने वाली एजीएम के लिए जारी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में उनका नाम न होने से अटकलें तेज हो गई हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए चुनावी अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।


उपाध्यक्ष पद के चुनाव पर उठ रहे सवाल

BCCI के चुनाव अधिकारी अचल कुमार ज्योति ने एजीएम के लिए IPL गवर्निंग काउंसिल के दो पदों पर चुनाव का नोटिस जारी किया है, लेकिन उपाध्यक्ष पद के लिए कोई अधिसूचना नहीं आई है। इससे शुक्ला के कार्यकाल और भविष्य की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।


BCCI के नियमों में उम्र की सीमा

BCCI के संविधान के अनुसार, 70 वर्ष की आयु पूरी करने वाला व्यक्ति ऑफिस-बेयरर, एपेक्स काउंसिल, गवर्निंग काउंसिल या किसी समिति का सदस्य नहीं रह सकता। यह नियम पहले भी लागू हो चुका है, जैसे कि ब्रिजेश पटेल को सितंबर 2022 में 70 वर्ष से पहले IPL चेयरमैन पद छोड़ना पड़ा था।


राजीव शुक्ला की चुनौतियाँ

राजीव शुक्ला 20 जुलाई 2027 को 70 वर्ष के हो जाएंगे, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या BCCI उन्हें तब तक उपाध्यक्ष बनाए रखेगा या नए चेहरे को चुना जाएगा। इसके अलावा, दिसंबर 2026 में शुरू होने वाला कूलिंग-ऑफ पीरियड भी उनकी स्थिति को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, बोर्ड ने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, और सभी की नजरें 18 सितंबर की एजीएम पर टिकी रहेंगी।