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BCCI ने T20 सीरीज के लिए टीम की घोषणा की, बुमराह की फिटनेस पर उठे सवाल

बीसीसीआई ने आगामी T20 श्रृंखला के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। हालांकि, जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर प्रशंसकों में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या BCCI बुमराह की चोट के बावजूद उन्हें टीम में शामिल करने का जोखिम उठा रही है? हार्दिक पांड्या को रियायत क्यों दी जा रही है? जानें इस लेख में।
 

टीम इंडिया की नई T20 टीम का ऐलान


बीती शाम, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी T20 श्रृंखला के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। यह तीन मैचों की T20 श्रृंखला भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर से शुरू होगी, और खिलाड़ियों ने अपनी तैयारियों में जुटना शुरू कर दिया है।


बुमराह के चयन पर उठे सवाल

टीम की घोषणा के बाद, चयन प्रक्रिया को लेकर प्रशंसकों में कई सवाल उठ रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सवाल जसप्रीत बुमराह के चयन को लेकर है। बुमराह अभी पूरी तरह से फिट नहीं हैं, फिर भी बोर्ड ने उन्हें टीम में शामिल किया है, जो कि बुमराह और भारतीय टीम के भविष्य के लिए सही नहीं है। प्रशंसकों का सवाल है कि अगर रिस्क लिया जा रहा है, तो हार्दिक पांड्या के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा।


बुमराह की फिटनेस पर BCCI की चिंता

जसप्रीत बुमराह, जो भारतीय गेंदबाजी का मुख्य आधार माने जाते हैं, पिछले कुछ समय से चोटिल हैं। वह पूरी तरह से फिट नहीं हैं, जिसके कारण वह श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट श्रृंखला का हिस्सा नहीं बन सके। पहले उन्हें टीम में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में उनकी फिटनेस के कारण उन्हें बाहर कर दिया गया और जम्मू कश्मीर के औकिब नबी को शामिल किया गया।


यह पहली बार नहीं है जब BCCI ने बुमराह को टीम में शामिल किया है जबकि वह पूरी तरह से फिट नहीं थे। यह समझना मुश्किल है कि बोर्ड बुमराह की फिटनेस को लेकर इतना रिस्क क्यों ले रहा है।


इस रिस्क का टीम पर प्रभाव

बुमराह के चयन में लापरवाही BCCI और टीम इंडिया के लिए भारी पड़ सकती है। बुमराह वर्तमान में टीम की गेंदबाजी ताकत हैं। यदि उनकी चोट के कारण करियर प्रभावित होता है, तो उनकी जगह भरना बोर्ड के लिए मुश्किल हो जाएगा। हाल के समय में, बुमराह कई चोटों का सामना कर चुके हैं, और वह BGT 2025 के अंतिम मैच में भी चोटिल हुए थे, जिसके कारण वह चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए थे।


हार्दिक पांड्या को रियायत क्यों?

प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर BCCI बुमराह की फिटनेस के साथ इतना बड़ा रिस्क ले सकती है, तो हार्दिक पांड्या के साथ वही रिस्क क्यों नहीं लिया जा रहा है। हार्दिक को इतनी रियायत क्यों दी जा रही है, जबकि वह टेस्ट क्रिकेट से भी दूर हैं और केवल वनडे और T20 में खेलते हैं, जबकि बुमराह तीनों प्रारूपों के मुख्य गेंदबाज हैं।


यह प्रशंसकों के लिए समझना कठिन है कि अगर प्रबंधन बुमराह को बिना पूरी तरह से फिट हुए टीम में शामिल कर सकता है, तो वही काम हार्दिक के साथ क्यों नहीं किया जा सकता।