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Commonwealth Games 2026: नीरज चोपड़ा और भारतीय जेवलिन थ्रोअर फाइनल में पहुंचे

ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जेवलिन थ्रो टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह ने क्वालिफिकेशन राउंड पार करते हुए फाइनल में जगह बनाई है। इस लेख में जानें कि कैसे इन खिलाड़ियों ने कठिन मौसम में भी अपनी क्षमता साबित की और फाइनल में पदक की उम्मीदें क्या हैं।
 

भारत के जेवलिन थ्रोअर फाइनल में


ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। पुरुषों की जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता में भारत के सभी तीन खिलाड़ियों ने क्वालिफिकेशन राउंड को पार करते हुए फाइनल में अपनी जगह बना ली है। अब सभी की नजरें पदक मुकाबले पर हैं, जहां नीरज चोपड़ा से बड़ी उम्मीदें हैं।


फाइनल में भारत के तीनों जेवलिन थ्रोअर

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर से बड़े मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों के जेवलिन थ्रो फाइनल में प्रवेश किया है। उनके साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-12 में जगह बनाई। नीरज ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 79.61 मीटर भाला फेंका और पांचवें स्थान पर रहे। वहीं, रोहित यादव ने 78.37 मीटर और यशवीर सिंह ने 78.36 मीटर का थ्रो किया। तीनों भारतीय खिलाड़ियों का फाइनल में पहुंचना भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब यह तिकड़ी शुक्रवार रात भारतीय समयानुसार 11 बजे होने वाले फाइनल में पदक के लिए चुनौती पेश करेगी।


कठिन मौसम में खिलाड़ियों ने दिखाई दमदार तैयारी

ग्लास्गो में क्वालिफिकेशन मुकाबले के दौरान मौसम खिलाड़ियों के लिए अनुकूल नहीं था। लगभग 18 डिग्री तापमान और तेज हवा के कारण किसी भी खिलाड़ी के लिए लंबी दूरी तक भाला फेंकना चुनौतीपूर्ण रहा। यही कारण था कि कोई भी एथलीट 84 मीटर के सीधे क्वालिफिकेशन मार्क तक नहीं पहुंच सका। पूरे मुकाबले में केवल चार खिलाड़ियों ने 80 मीटर से अधिक दूरी हासिल की। नीरज चोपड़ा ने अपने तीसरे प्रयास से पहले ही फाइनल का टिकट पक्का कर लिया था, इसलिए उन्होंने अंतिम थ्रो नहीं किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और अगले दौर में जगह बनाने में सफल रहे।


फाइनल में पदक की उम्मीद

क्वालिफिकेशन राउंड में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे 82.84 मीटर के साथ पहले स्थान पर रहे। वहीं, एंडरसन पीटर्स दूसरे नंबर पर रहे। पाकिस्तान के अरशद नदीम भी सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। ऐसे में फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, नीरज चोपड़ा के हरियाणा के पानीपत स्थित पैतृक गांव खंडरा में खुशी का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने उनके फाइनल में पहुंचने पर खुशी जताई और स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद व्यक्त की। नीरज पिछले साल पीठ की चोट से परेशान रहे थे, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।