IPL 2026 के लिए BCCI ने तारीखों में बदलाव की योजना बनाई
IPL की नई तारीखें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आयोजन की तारीखों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। BCCI का उद्देश्य देश के कई हिस्सों में मई में होने वाली गर्मी से बचना है, जिसके लिए IPL को अगले वर्ष 10 मार्च से 15 मई के बीच आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इस संबंध में जानकारी दी। इस साल IPL का आयोजन 28 मार्च से 31 मई तक हुआ था। सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि मैचों की संख्या 74 ही रहेगी और इसे 94 नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि IPL का जल्दी शुरू होना खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
खिलाड़ियों की शिकायतों पर BCCI की प्रतिक्रिया
सैकिया ने बताया, 'इस साल IPL 29 (28) मार्च को शुरू हुआ और 31 मई तक चला। हम इस पर विचार कर रहे हैं कि 15 मई के बाद टूर्नामेंट के अंतिम चरण में मौसम की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। खासकर कुछ क्षेत्रों में बारिश या प्री-मानसून सीजन की संभावना रहती है, साथ ही गर्मी भी होती है, जो खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए अनुकूल नहीं है। इसलिए BCCI और IPLGC इस पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या हम टूर्नामेंट को मार्च के अंत से पहले शुरू कर सकते हैं। अगले साल से हम इस दिशा में प्रयास करेंगे।'
IPL के लिए नई तारीखों की योजना
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने हमारे गेम्स डेवलपमेंट के जनरल मैनेजर को निर्देश दिया है कि वे ऐसी तारीखें देखें, जिनसे हम इसे 10 मार्च तक शुरू कर सकें और 15 मई तक समाप्त कर सकें। ऐसा इसलिए ताकि IPL 2027 के प्लेऑफ और फाइनल के समय मौसम खराब न हो।' BCCI सचिव ने कहा कि उन्हें IPL मैचों के दौरान भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में गर्मी को लेकर खिलाड़ियों और फैंस से कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे फैंस और खिलाड़ियों से कई शिकायतें सुनने को मिल रही हैं, क्योंकि सभी खिलाड़ी इतनी गर्म परिस्थितियों में खेलने के आदी नहीं हैं।' सैकिया ने कहा, 'इसलिए हम इसे 15 मई तक समाप्त करना चाहते हैं। यह अब हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।'
मैचों की संख्या में वृद्धि नहीं होगी
सैकिया ने कहा कि मैचों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, 'फिलहाल यह संभव नहीं है क्योंकि हमें विभिन्न देशों से आने वाले खिलाड़ियों से संबंधित कई अन्य मुद्दों पर विचार करना होगा। हमें यह दो महीने का विंडो मिला है।' उन्होंने आगे कहा, 'दो महीने से अधिक बढ़ाना बहुत कठिन होगा, क्योंकि अन्य देशों को भी द्विपक्षीय मैच खेलने होते हैं। इसलिए इस समय मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। भविष्य में स्थिति क्या होगी, यह मैं नहीं जानता, लेकिन फिलहाल मुझे मैचों की संख्या बढ़ाने की कोई संभावना नहीं दिखती।'