IPL 2026: पंजाब किंग्स की बल्लेबाजी ने लखनऊ सुपर जायंट्स को किया नाकाम
पंजाब किंग्स की धमाकेदार बल्लेबाजी
IPL 2026 में पंजाब किंग्स (PBKS) ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का जादू दिखाया। चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ हुए मैच में प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली की जोड़ी ने ऐसा प्रदर्शन किया कि रिकॉर्ड्स की झड़ी लग गई। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर लखनऊ के गेंदबाजों को बुरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
मैच की शुरुआत पंजाब के लिए अच्छी नहीं रही, क्योंकि सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह बिना कोई रन बनाए ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद जो हुआ, उसने क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। प्रियांश आर्य ने केवल 37 गेंदों में 93 रन बनाकर शतक से चूक गए, जबकि कूपर कोनोली ने 46 गेंदों में 87 रन का योगदान दिया। इनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने पंजाब को एक विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया।
प्रियांश और कोनोली की रिकॉर्ड साझेदारी
प्रियांश-कोनोली ने लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी
- प्रभसिमरन के जल्दी आउट होने के बाद, प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 182 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की। यह पंजाब किंग्स के इतिहास में तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले 2011 में एडम गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श ने 206 रनों की साझेदारी की थी।
- इस साझेदारी में कुल 16 छक्के और 12 चौके लगे। दोनों ने केवल 80 गेंदों में 182 रन बनाकर 13.65 की शानदार रन रेट हासिल की। यह PBKS की सबसे तेज 100+ साझेदारियों में चौथे स्थान पर है।
- रिकॉर्ड्स का सिलसिला यहीं नहीं रुका। पारी के 12वें ओवर में एडेन मार्करम की गेंदों पर प्रियांश और कूपर ने मिलकर 32 रन बनाए। इसमें कोनोली ने तीन छक्के और प्रियांश ने दो गगनचुंबी छक्के लगाए। यह लखनऊ सुपर जायंट्स के IPL इतिहास का सबसे महंगा ओवर साबित हुआ।
लखनऊ की फील्डिंग में कमी
लखनऊ ने दिया प्रियांश और कोनोली को जीवनदान
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मैच एक बुरे सपने की तरह रहा। टीम ने न केवल अपनी गेंदबाजी में खराब प्रदर्शन किया, बल्कि फील्डिंग में भी कई मौके गंवाए। मैच के दूसरे ओवर में मोहसिन खान ने कूपर कोनोली का कैच छोड़ दिया, जब वह केवल 5 रन पर थे। इसके बाद, 10वें ओवर में प्रिंस यादव ने प्रियांश आर्य को आउट करने का एक आसान मौका गंवा दिया, जो उस समय 64 रन पर खेल रहे थे। इन गलतियों ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया, और पंजाब के बल्लेबाजों ने इसका पूरा फायदा उठाया।