×

IPL 2026: फाइनल में विवाद और गरमाया माहौल

IPL 2026 का फाइनल मुकाबला गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया, जिसमें अंपायर के निर्णयों ने विवाद को जन्म दिया। साई सुदर्शन का रिव्यू और थर्ड अंपायर का निर्णय खेल के माहौल को गरमाने का कारण बने। जानें इस दिलचस्प मुकाबले की पूरी कहानी और कैसे खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ा।
 

फाइनल मुकाबले में विवादित पल

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का फाइनल मैच रविवार (31 मई) को अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस (GT) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच खेला गया। इस मैच की शुरुआत में अंपायर ने एक महत्वपूर्ण गलती की। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी GT को साई सुदर्शन ने लगातार दो चौके लगाकर अच्छी शुरुआत दी। लेकिन अगली गेंद पर उन्हें कट-बिहाइंड आउट करार दिया गया। RCB के जैकब डफी ने पहले ओवर में पांचवीं गेंद लेग स्टंप के बाहर डाली, जिसे पुल करने के प्रयास में सुदर्शन चूक गए।


सुदर्शन का रिव्यू और RCB की अपील

गेंद उनके बल्ले के पास से निकली, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। फिर भी, RCB के खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, जिससे अंपायर नितिन मेनन दबाव में आ गए और उन्होंने आउट करार दे दिया। सुदर्शन ने तुरंत रिव्यू मांगा और वह बच गए, क्योंकि गेंद को वाइड करार दिया गया। ऐसा प्रतीत हुआ कि RCB ने वाइड बचाने के लिए अपील की थी। इसके बाद, 10वें ओवर में RCB की ओर से एक और विवादित घटना हुई।


फाइनल में गरमाया माहौल

GT की टीम ने 9 ओवर में 59 रन पर 3 विकेट खो दिए थे और मुश्किल में थी। जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर पर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। सुंदर ने डफी की गेंद को पुल करने का प्रयास किया, लेकिन गेंद और बल्ले का संपर्क सही नहीं हुआ। डीप फाइन लेग पर खड़े सब्स्टिट्यूट फील्डर जॉर्डन कॉक्स ने कैच पूरा किया, लेकिन थर्ड अंपायर संतुष्ट नहीं थे।


थर्ड अंपायर का निर्णय


थर्ड अंपायर ने रिप्ले में देखा कि कॉक्स की उंगलियों में गेंद फंसी थी, लेकिन उसका कुछ हिस्सा जमीन पर लग गया था। इसलिए उन्होंने सुंदर को नॉटआउट करार दिया। इस फैसले के बाद विराट कोहली हैरान रह गए और पूरा RCB खेमे में नाखुशी का माहौल था। RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने अंपायर से बहस की, जिससे माहौल और गरमाया। अंपायर ने उन्हें समझाया कि जब गेंद जमीन को छू रही थी, तब कॉक्स की उंगलियां गेंद के नीचे नहीं थीं, लेकिन पाटीदार मानने को तैयार नहीं थे। खेल कुछ समय के लिए रुका रहा, लेकिन अंपायर अपने फैसले पर अडिग रहे।