×

ईशान किशन की शानदार पारी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में मचाई धूम

दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने 250 रन बनाए। हालांकि, उन्हें थकान के कारण रिटायर हर्ट होना पड़ा। लेकिन कुछ समय बाद, उन्होंने फिर से बल्लेबाजी की और अपनी पारी को 270 रन तक पहुंचाया। ईशान की यह पारी उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है, क्योंकि उन्होंने हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। जानें उनके खेल के बारे में और कैसे उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में बदलाव किया है।
 

ईशान किशन की अद्भुत बल्लेबाजी

दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने रन बनाने की अद्भुत भूख दिखाई। उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों के खिलाफ 250 रन बनाए, लेकिन इसके बाद उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा। थकान के कारण उन्हें क्रैम्प्स का सामना करना पड़ा, जिससे चोटिल होने का खतरा बढ़ गया और उन्होंने मैदान छोड़ दिया।


इस समय तक ईस्ट जोन की टीम ने 600 से अधिक रन बना लिए थे। ऐसा लग रहा था कि ईशान अब दोबारा बल्लेबाजी नहीं करेंगे और पारी की घोषणा कर देंगे। लेकिन ड्रेसिंग रूम में कुछ समय बिताने के बाद, उन्होंने फिर से मैदान में वापसी की। हालांकि वह पूरी तरह से फिट नहीं थे, फिर भी उन्होंने तिहरे शतक की ओर बढ़ने का प्रयास किया।


लोअर ऑर्डर के बल्लेबाजों के कारण, ईशान को बड़े शॉट्स पर निर्भर रहना पड़ा। वह ओवर की शुरुआत में छक्के या चौके के लिए प्रयास करते और फिर पांचवीं या छठी गेंद पर सिंगल लेते। हालांकि, यह रणनीति ज्यादा देर तक नहीं चली और वह छक्का लगाने के प्रयास में लॉन्ग ऑन पर कैच हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 20 रन जोड़े और 334 गेंदों में 270 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनकी इस मैराथन पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल थे।


ईशान किशन में आया बड़ा बदलाव

बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज ईशान किशन ने दिसंबर 2014 में अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत की थी। 2020 तक उन्होंने 44 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें 2665 रन बनाए और उनकी औसत 37.5 रही। इस दौरान उन्होंने 15 अर्धशतक और 5 शतक बनाए, लेकिन उनका कन्वर्जन रेट संतोषजनक नहीं था।


ईशान ने अपनी इस कमी को दूर कर लिया है। 2021 से अब तक, उन्होंने 9 बार 50 का आंकड़ा पार किया है, जिसमें 5 शतक शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने 23 मैचों में 1550 रन बनाए हैं, और उनकी औसत 53.5 तक पहुंच गई है। इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि 6 साल पहले का ईशान अब फिफ्टी से संतुष्ट नहीं होता, बल्कि क्रीज पर जमने के बाद आउट होने का नाम ही नहीं लेता।