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एशियन गेम्स 2026: सतनाम और सलमान ने रोइंग में जीता ब्रॉन्ज मेडल

एशियन गेम्स 2026 के छठे दिन, सतनाम सिंह और सलमान खान ने रोइंग में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस जोड़ी ने मेंस डबल्स स्कल्स में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम क्षणों में तीसरे स्थान पर आ गई। सतनाम का यह सफर हैंडबॉल से शुरू हुआ था, और उन्होंने ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क से प्रेरणा लेकर रोइंग में कदम रखा। जानें उनके अद्भुत सफर और उपलब्धियों के बारे में।
 

भारत का खाता खोलते हुए सतनाम और सलमान

एशियन गेम्स 2026 के छठे दिन, 24 सितंबर को, सतनाम सिंह और सलमान खान ने रोइंग में भारत के लिए पहला मेडल जीता। उन्होंने मेंस डबल्स स्कल्स (M2M) प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इस जोड़ी ने 1500 मीटर की दूरी तक दूसरे स्थान पर रहते हुए, अंतिम 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। भारतीय जोड़ी ने इस दूरी को पूरा करने में छह मिनट 13.25 सेकंड का समय लिया।


 


चीन की टीम ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। सतनाम और सलमान की जोड़ी गोल्ड मेडल विजेताओं से केवल 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने पिछले एशियन गेम्स में मेंस क्वाड्रपल स्कल्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जिससे उनके एशियाड में मेडल्स की संख्या अब दो हो गई है।


 


26 वर्षीय सतनाम का एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचने का सफर रोइंग से नहीं, बल्कि हैंडबॉल से शुरू हुआ था। वह पहले एक राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी थे।


 


हैंडबॉल छोड़ने का निर्णय


पंजाब के मानसा जिले के निवासी सतनाम ने लगभग 8 साल पहले हैंडबॉल को छोड़कर रोइंग में करियर बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क से प्रेरणा ली, जिन्होंने 2018 के एशियन गेम्स में मेंस लाइटवेट डबल स्कल्स में स्वर्ण पदक जीता था। हैंडबॉल छोड़ने के बाद, सतनाम ने जल्दी ही भारत के उभरते रोवर के रूप में अपनी पहचान बनाई और 2018 युथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आठवें स्थान पर रहे।


 


सतनाम ने इसके बाद 40वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में मेंस सिंगल्स स्कल्स का खिताब जीता और इंडियन नेवी के पहले रोवर बने जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। वह पिछले साल सीनियर एशियन रोइंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय मेंस क्वाड्रपल स्कल्स टीम का भी हिस्सा थे।