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डैरेन सैमी ने टी20 सीरीज में पावरप्ले की अहमियत पर जोर दिया

वेस्टइंडीज के हेड कोच डैरेन सैमी ने भारत के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज में पावरप्ले की अहमियत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम को पावरप्ले में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, ताकि वे सीरीज में आगे बढ़ सकें। सैमी ने भारतीय बल्लेबाजों की रन गति को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने गेंदबाजों के लिए चुनौतियों और बल्लेबाजी की अनुकूल पिचों पर रणनीतियों के बारे में भी अपने विचार साझा किए।
 

टी20 सीरीज में पावरप्ले का महत्व

वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने भारत के खिलाफ चल रही टी20 श्रृंखला के पहले 6 ओवरों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी टीम को भारतीय टीम के खिलाफ पावरप्ले में जीत हासिल करनी होगी। वर्तमान में, भारतीय टीम 5 मैचों की श्रृंखला में 2-1 से आगे है। दोनों टीमों के बीच चौथा टी20 मैच बुधवार (14 अक्टूबर) को हैदराबाद में खेला जाएगा।


सैमी ने कहा कि वेस्टइंडीज को गेंदबाजी के दौरान पावरप्ले में अधिक रन देने के कारण हर बार मैच में वापसी करने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, 'हम पावरप्ले में पिछड़ रहे हैं। इसी कारण हम सीरीज में 2-1 की बढ़त नहीं बना पाए हैं। हम भी 2-1 से आगे हो सकते थे।'


पावरप्ले में सुधार की आवश्यकता

सैमी ने बताया कि वेस्टइंडीज की टीम ने पावरप्ले के बाद के तीन चरणों में भारत की रन गति को 10 रन प्रति ओवर से नीचे रखने में सफलता पाई है, लेकिन पावरप्ले में भारतीय बल्लेबाजों ने लगभग 14.5 रन प्रति ओवर की दर से रन बनाए। उन्होंने कहा, 'पावरप्ले को नियंत्रित करना हमारे लिए महत्वपूर्ण है। अब तक हमें हर बार मैच में वापसी के लिए संघर्ष करना पड़ा है। भारत को हराने के लिए आपको बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में पावरप्ले जीतने होंगे।'


सैमी का मानना है कि वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी भारत की तुलना में बेहतर रही है। कुछ मैचों में उनकी टीम ने भारत से अधिक छक्के भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि ऐसी पिचों पर खेलना हमेशा संभव नहीं होता। उन्होंने कहा, 'जब आपको बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिचें मिलती हैं, तो आप हमेशा महसूस करते हैं कि आप मुकाबले में बने हुए हैं। दो बड़े ओवर आपको फिर से मैच में वापस ला सकते हैं।'


'गेंदबाजी में गलती की गुंजाइश कम'

सैमी ने स्वीकार किया कि बल्लेबाजी के अनुकूल पिचों पर गेंदबाजों के लिए चुनौती अधिक होती है। जहां 200 या उससे अधिक का स्कोर सामान्य है, वहां गेंदबाजों के लिए गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। उन्होंने कहा, 'यहां अंतर बहुत छोटा होता है, लेकिन हमने देखा है कि यदि आप अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करते हैं, तो आप मुकाबले में बने रह सकते हैं। हम सभी जानते हैं कि इन पिचों पर अक्सर 200 से अधिक रन बनते हैं। यदि 200 रन औसत स्कोर है, तो आपको विपक्षी टीम को 250 तक पहुंचने से रोकना होगा।'


सैमी ने भारतीय गेंदबाजों की यॉर्कर डालने की क्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि बल्लेबाजों को रोकने के लिए कौशल का सही उपयोग आवश्यक है। उन्होंने इस धारणा को भी खारिज किया कि वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी केवल शाई होप पर निर्भर है। होप इस समय शानदार फॉर्म में हैं। सैमी ने कहा कि होप क्रीज पर रहते हुए टीम को स्थिरता प्रदान करते हैं, लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


सैमी ने कहा, 'जब होप क्रीज पर होते हैं, तो वह मिडिल ऑर्डर में स्थिरता लाते हैं। दबाव की स्थिति में हमारे कुछ अन्य खिलाड़ियों को भी उनके संयमित रवैये से सीखने की आवश्यकता है, लेकिन मैच जीतने का श्रेय केवल उन्हें नहीं दिया जा सकता। अन्य बल्लेबाजों ने भी योगदान दिया है।'