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भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले ODI में 7 विकेट से जीत हासिल की

भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले ODI में 7 विकेट से जीत हासिल की, जिसमें कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल ने शानदार प्रदर्शन किया। बारिश के कारण मैच 25-25 ओवर का हुआ, और अफगानिस्तान ने 194 रन बनाए। जानें इस रोमांचक मुकाबले की प्रमुख बातें और सुनील गावस्कर की टिप्पणियाँ।
 

धर्मशाला में भारत की शानदार जीत

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला शनिवार (13 जून) को धर्मशाला में आयोजित हुआ। इस मैच में भारतीय टीम ने 7 विकेट से जीत दर्ज कर श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। बारिश के कारण मैच 25-25 ओवर का हुआ, जिसमें अफगानिस्तान ने रहमानुल्लाह गुरबाज (51 गेंदों में 102 रन) की शानदार शतकीय पारी की मदद से 194 रन बनाए। भारत ने 22.5 ओवर में 3 विकेट खोकर यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। कप्तान शुभमन गिल ने 66 गेंदों में 84 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि केएल राहुल ने 19 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए।


 


एक समय पर मुकाबला काफी रोमांचक हो गया था। भारत को जीत के लिए 24 गेंदों में 33 रन बनाने थे। राहुल ने 22वें ओवर में जियाउर रहमान के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 20 रन बटोर लिए, जिससे टीम इंडिया के लिए लक्ष्य हासिल करना आसान हो गया। हालांकि, राहुल की तेज बल्लेबाजी के कारण शुभमन के हाथों से शतक बनाने का मौका छूट गया, जो उस समय अपनी पहली ODI शतकीय पारी से 21 रन दूर थे।


 


महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि अब टीम व्यक्तिगत उपलब्धियों की बजाय सामूहिक सफलता को प्राथमिकता दे रही है, जिसके चलते कठिन लक्ष्य भी आसानी से हासिल हो गए। पूर्व कप्तान गावस्कर ने कहा कि राहुल की बल्लेबाजी से यह स्पष्ट होता है कि खिलाड़ी व्यक्तिगत सफलता के बजाय टीम की जीत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।


 


गावस्कर ने टीम को प्राथमिकता देने पर जताई प्रसन्नता


गावस्कर ने जियोस्टार पर कहा, 'जिया उर रहमान ने अपने अंतिम ओवर से पहले तीन ओवर में केवल 19 रन दिए थे। राहुल ने उस ओवर में 20 रन बनाए। उस समय शुभमन गिल को शतक पूरा करने के लिए 21 रन की आवश्यकता थी और टीम को जीत के लिए लगभग 30 रन चाहिए थे। ऐसे में राहुल ने मोर्चा संभाला।'


 


उन्होंने आगे कहा, 'यह दर्शाता है कि खिलाड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों की बजाय टीम को अधिक महत्व देते हैं। 23वें ओवर में मैच जीतना यह दर्शाता है कि लक्ष्य का पीछा कितना अच्छा किया गया। यह आसान लक्ष्य नहीं था, लेकिन उन्होंने इसे आसान बना दिया, क्योंकि टीम को प्राथमिकता दी।'