भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जीता गोल्ड मेडल
भारतीय टीम की शानदार जीत
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पिछले एशियाड में भी टीम ने गोल्ड जीता था। हांगझोऊ एशियन गेम्स के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक कमजोर टीम भेजी थी, लेकिन आइची-नागोया में पूरी ताकत के साथ टीम उतरी। विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में जीत का यह एक बड़ा कारण था।
संजू ने कहा कि गोल्ड मेडल आसानी से नहीं मिला और अनुभवी खिलाड़ियों की 'ए' टीम को उतारने से पाकिस्तान के खिलाफ दबाव को संभालने में मदद मिली। भारतीय टीम ने शनिवार (3 अक्टूबर) को अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया।
संजू ने मैच के बाद कहा, 'हमारे पास एक अनुभवी टीम थी। यही अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव हमारे काम आया। हमें पता था कि अपनी ऊर्जा को कैसे प्रबंधित करना है और खुद को कैसे प्रेरित और केंद्रित रखना है, भले ही अभ्यास या मैच न हो।'
मजबूत टीम का लाभ
मजबूत टीम उतारने से फायदा हुआ - संजू
भारत को नियमित टी20 खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के निर्णय से इस महत्वपूर्ण मुकाबले में मजबूती और संयम के साथ खेलने में मदद मिली। संजू ने कहा, 'ए टीम को लाना काफी फायदेमंद रहा और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भी यही देखने को मिला। टीम इंडिया ने अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के अर्धशतकों की मदद से छह विकेट पर 211 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जबकि पाकिस्तान की टीम छह विकेट खोकर केवल 192 रन बना सकी। हालांकि, फाइनल एकतरफा नहीं था। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर पाकिस्तान के आक्रामक खेल ने अंत में मैच को रोमांचक बना दिया।
संजू ने कहा, 'आखिरकार हमें एक अच्छा मैच खेलने को मिला। पहली पारी में हमने 200 रन बनाए और लगा कि दूसरी पारी पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन विकेट अच्छा था और उन्होंने भी अच्छी बल्लेबाजी की। सभी को एक अच्छा फाइनल देखने को मिला।' उन्होंने आगे कहा, 'हमें गोल्ड मेडल थाली में सजाकर नहीं मिला। इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इससे यह जीत और भी संतोषजनक हो जाती है और हम सभी खुश हैं।'
दबाव को संभालने की कला
'हमने दबाव को हावी नहीं होने दिया'
संजू ने स्वीकार किया कि टीम इस मुकाबले की अहमियत को समझती थी, लेकिन खिलाड़ियों ने इस बड़े अवसर को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, 'यह निश्चित रूप से हमारे लिए अपने देश का एशियन गेम्स के फाइनल में प्रतिनिधित्व करने का एक बड़ा अवसर था। मैच से पहले और बाद में ऐसा ही होता है। लेकिन एक बार जब मैच शुरू हो गया, तो हम मुकाबले की मांग और परिस्थितियों के अनुसार खेलते हैं।'