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भुवनेश्वर कुमार की टीम की जीत पर प्राथमिकता, व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स को किया नजरअंदाज

आरसीबी के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने व्यक्तिगत पुरस्कारों को नजरअंदाज करते हुए टीम की जीत को प्राथमिकता दी है। गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के बाद उन्होंने कहा कि अब उनका मुख्य लक्ष्य टीम को चैंपियन बनाना है। भुवी ने टॉस और पिच की भूमिका पर भी चर्चा की, जबकि जेसन होल्डर ने गुजरात की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानें इस मैच के बारे में और क्या कह रहे हैं भुवनेश्वर कुमार।
 

भुवनेश्वर कुमार का नया दृष्टिकोण

नई दिल्ली, 01 मई। आरसीबी के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने व्यक्तिगत उपलब्धियों को पीछे छोड़ते हुए टीम की जीत को प्राथमिकता दी है। गुजरात टाइटंस के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर पर्पल कैप हासिल करने के बावजूद, भुवी ने स्पष्ट किया कि अब उनके लिए पुरस्कारों से ज्यादा टीम की सफलता मायने रखती है।


टीम की हार ने भुवी को किया निराश

आरसीबी के स्टार गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने क्रिकेट के प्रति अपने परिपक्व नजरिए से करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया है। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भुवी ने दोटूक कहा कि वह करियर के उस पड़ाव पर हैं जहां व्यक्तिगत उपलब्धियां फीकी पड़ जाती हैं। 36 वर्षीय इस गेंदबाज ने माना कि युवावस्था में पुरस्कारों का आकर्षण होता है, लेकिन अब उनका एकमात्र मकसद टीम को चैंपियन बनाना है। भले ही उनके सिर पर पर्पल कैप सजी हो, लेकिन टीम की हार ने उनकी खुशी को कम कर दिया है।


टॉस और पिच का गणित

टॉस और पिच का गणित पड़ा भारी


मैच के विश्लेषण पर बात करते हुए भुवनेश्वर ने स्वीकार किया कि इस सीजन में टॉस की भूमिका निर्णायक साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि आरसीबी का रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने में शानदार रहा है, लेकिन टॉस हारने के बाद उन्हें पहले बल्लेबाजी के लिए मजबूर होना पड़ा। पूरी टीम मात्र 155 रनों पर सिमट गई, जिसे बचाना गेंदबाजों के लिए नामुमकिन जैसा था। भुवी ने साफ किया कि छोटे स्कोर वाले मैचों में केवल विकेट लेकर ही जीता जा सकता था, और उनके गेंदबाजों ने इसके लिए जी-जान लगा दी, लेकिन नतीजा पक्ष में नहीं रहा।


गुजरात टाइटंस की जीत का श्रेय जेसन होल्डर को

जेसन होल्डर बने गुजरात की जीत के नायक


दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस की रणनीति मैदान पर पूरी तरह सटीक बैठी। वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने गेंद और बल्ले के अलावा फील्डिंग में भी कमाल दिखाया। उन्होंने आरसीबी के दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और तीन शानदार कैच लपककर बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। गुजरात के क्रिकेट निदेशक विक्रम सोलंकी ने होल्डर की तारीफ करते हुए कहा कि नीलामी के दौरान उन्हें टीम में शामिल करने का मकसद ही यही था कि वे मुश्किल समय में पांचवें और छठे नंबर पर मैच जिताऊ प्रदर्शन कर सकें।


आरसीबी की बल्लेबाजी में कमी

आरसीबी की बल्लेबाजी में दिखी चूक


पूरे टूर्नामेंट में अब तक जबरदस्त फॉर्म में चल रही आरसीबी की बल्लेबाजी इस अहम मुकाबले में लड़खड़ा गई। भुवनेश्वर कुमार ने बल्लेबाजों का बचाव करते हुए कहा कि आप हर विभाग में हर रोज परफेक्ट नहीं हो सकते। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम इस हार से सीख लेकर अगले मैचों में जोरदार वापसी करेगी। फिलहाल, आरसीबी के लिए सकारात्मक पहलू भुवनेश्वर की घातक गेंदबाजी है, जो विपक्षी टीमों के लिए काल बनी हुई है।