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मुंबई इंडियंस की मुश्किलें: हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर उठ रहे सवाल

मुंबई इंडियंस, IPL की सबसे सफल टीमों में से एक, इस समय कठिन दौर से गुजर रही है। हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन गिरता जा रहा है, जिससे फैंस रोहित शर्मा की याद कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि हार्दिक की कप्तानी में टीम ने 37 मैचों में से केवल 15 में जीत हासिल की है। क्या मुंबई इंडियंस अपनी खोई हुई पहचान वापस पा सकेगी? जानें पूरी कहानी में।
 

मुंबई इंडियंस का संकट

मुंबई इंडियंस, जो IPL की सबसे सफल टीमों में से एक मानी जाती है, इस समय कठिन दौर से गुजर रही है। पहले, जब भी इस टीम का नाम लिया जाता था, तो विरोधी टीमों पर दबाव बन जाता था। 2013 से 2020 के बीच इसने पांच बार ट्रॉफी जीती, जिससे यह फ्रेंचाइजी IPL की सबसे मजबूत मानी जाती थी। लेकिन अब पिछले तीन सीज़नों में टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है, जिससे टीम प्रबंधन के निर्णयों और हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं.


रोहित शर्मा की यादें

IPL 2026 के प्लेऑफ से बाहर होने के बाद, फैंस एक बार फिर रोहित शर्मा की कप्तानी को याद कर रहे हैं। रोहित के नेतृत्व में मुंबई ने न केवल 5 IPL ट्रॉफियां जीतीं, बल्कि 2 बार चैंपियंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया। यही कारण है कि फैंस आज भी उनकी कप्तानी को आदर्श मानते हैं.


हार्दिक पांड्या की कप्तानी में गिरावट

हार्दिक पांड्या की कप्तानी में गुजरात टाइटंस ने IPL 2022 का खिताब जीता था। इसके बाद, IPL 2023 में उनकी टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताबी मुकाबले में हार गई। उनकी कप्तानी से प्रभावित होकर मुंबई इंडियंस ने उन्हें वापस लाकर कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी थी.


मुंबई इंडियंस की स्थिति

आंकड़े बताते हैं कि हार्दिक पांड्या की कप्तानी में मुंबई की वह धाक खत्म हो गई है। 2024 में टीम तालिका में सबसे नीचे रही, जबकि IPL 2025 में किसी तरह प्लेऑफ में पहुंची, लेकिन 2026 में फिर से प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। बल्ले और गेंद से औसत प्रदर्शन, साथ ही फिटनेस और दबाव के क्षणों में टीम को एकजुट न रख पाना हार की मुख्य वजह बनी.


हार्दिक पांड्या के आंकड़े

हार्दिक पांड्या ने मुंबई इंडियंस के कप्तान के रूप में 37 मैचों में 586 रन बनाए हैं, जिसमें न तो कोई शतक है और न ही अर्धशतक। इस दौरान उन्होंने 29 विकेट भी लिए हैं. हार्दिक की कप्तानी में टीम ने 37 मैचों में से केवल 15 में जीत हासिल की, जबकि 22 में हार का सामना करना पड़ा। उनके कप्तानी का जीत प्रतिशत 40.54 है, जबकि टीम लगभग 59 प्रतिशत मैच हार चुकी है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हार्दिक की कप्तानी का प्रभाव अब तक सीमित रहा है.