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मोहम्मद रिजवान पर सट्टेबाजी के आरोप, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान पर सट्टेबाजी और जुए को बढ़ावा देने का आरोप लगा है। इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाल ही में, कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। रिजवान ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। जानें इस मामले में आगे क्या हुआ और कोर्ट ने क्या निर्देश दिए।
 

मोहम्मद रिजवान पर लगे गंभीर आरोप

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान पर सट्टेबाजी और जुए को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। हाल ही में, अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। यह नोटिस पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) द्वारा भेजा गया था, जो ऑनलाइन सट्टेबाजी से संबंधित था। इस मामले में रिजवान से पूछताछ की गई थी। इससे पहले, कई खिलाड़ियों को अचानक इंग्लैंड सीरीज के दौरान पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था.


हाई कोर्ट में याचिका का खारिज होना

मोहम्मद रिजवान ने लाहौर हाई कोर्ट में NCCIA के नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसे 17 सितंबर को खारिज कर दिया गया। यह ध्यान देने योग्य है कि रिजवान उन खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्हें इंग्लैंड दौरे के बीच टीम से बाहर कर दिया गया था। कोर्ट की सुनवाई के दौरान, रिजवान के वकील ने महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रस्तुत किया।


वकील का बयान

रिजवान के वकील ने कहा, 'जब पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड दौरे पर थी, तब रात 1:00 बजे मोहम्मद रिजवान को होटल की लॉबी में बुलाया गया। वहां एक अधिकारी मौजूद था, जो कथित तौर पर जांच एजेंसी से था। अधिकारी ने बिना नोटिस दिए रिजवान से पूछताछ की।' इसके अलावा, वकील ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने रिजवान का फोन भी जब्त कर लिया था और उन्हें आश्वासन दिया गया था कि 3 घंटे बाद फोन वापस कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक फोन नहीं लौटा है.


रिजवान ने आरोपों को नकारा

मोहम्मद रिजवान पर क्रिकेट सट्टेबाजी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, जिन्हें उन्होंने सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए हैं। रिजवान के वकील ने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की जांच का अधिकार एंटी करप्शन यूनिट के पास है, जबकि NCCIA को इस मामले में जांच करने का अधिकार नहीं है.


कोर्ट का निर्णय

कोर्ट ने रिजवान के वकील के तर्कों को सुनने के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी और उन्हें निर्देश दिया कि वे जांच में सहयोग करें। इस मामले की जांच अभी भी जारी है.