राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत: वैभव सूर्यवंशी ने तोड़े रिकॉर्ड
राजस्थान रॉयल्स IPL जीत
राजस्थान रॉयल्स IPL जीत : आईपीएल के इस सीजन के नॉकआउट चरण में पंजाब के मुल्लनपुर स्टेडियम में 27 मई को एक रोमांचक और रिकॉर्ड तोड़ मुकाबला हुआ। इस एलिमिनेटर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया, जो उनके लिए आत्मघाती साबित हुआ।
राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों ने हैदराबाद के गेंदबाजों को बुरी तरह से पराजित करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 243 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में, हैदराबाद की टीम दबाव में आकर 19.2 ओवर में 196 रन बनाकर पूरी तरह से ऑल आउट हो गई। इस शानदार जीत के साथ राजस्थान ने क्वालिफायर 2 में प्रवेश किया, जबकि हैदराबाद का सफर यहीं समाप्त हो गया।
वैभव सूर्यवंशी के तूफान में उड़े रिकॉर्ड
इस मैच के असली नायक राजस्थान के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने मैदान पर चौके-छक्कों की बौछार कर दी। सूर्यवंशी ने केवल 29 गेंदों में 97 रनों की अद्भुत पारी खेली, जिसमें उन्होंने 12 छक्के लगाए। इस पारी के दौरान उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 65 छक्के लगाने का क्रिस गेल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
सिर्फ इतना ही नहीं, सूर्यवंशी ने 16 गेंदों में अर्धशतक बनाकर आईपीएल प्लेऑफ में सुरेश रैना के सबसे तेज पचासे का रिकॉर्ड भी बराबर कर लिया। वह आईपीएल के एक सीजन में 600 रन बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी और एक सीजन में सबसे ज्यादा 680 रन बनाने वाले अनकैप्ड खिलाड़ी भी बन गए हैं।
ध्रुव जुरेल और जोफ्रा आर्चर ने किया जीत का काम आसान
वैभव सूर्यवंशी द्वारा बनाए गए मजबूत आधार पर ध्रुव जुरेल ने 21 गेंदों में 50 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर बड़ा स्कोर बनाने में मदद की। रियान पराग ने भी अंत में केवल 12 गेंदों में 26 रन जोड़े, जिससे राजस्थान ने 14.4 ओवर में ही अपने 200 रन पूरे कर लिए। यह आईपीएल नॉकआउट के इतिहास में सबसे तेज 200 रनों का स्कोर है।
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद को जोफ्रा आर्चर ने शुरुआत में ही गहरे जख्म दिए। आर्चर ने पारी की दूसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा को शून्य पर आउट किया, जो इस साल टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड 8वीं बार डक पर आउट हुए हैं।
इसके बाद आर्चर ने खतरनाक दिख रहे ट्रैविस हेड और ईशान किशन की 15 गेंदों में 51 रनों की साझेदारी को पावरप्ले के अंदर ही समाप्त कर दिया। हेनरिक क्लासेन ने मध्यक्रम में जुझारू पारी खेली लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके।