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ललित मोदी का आईपीएल फॉर्मेट पर बड़ा खुलासा: राजस्व में कमी का आरोप

पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने आईपीएल के होम-एंड-अवे फॉर्मेट पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि इस फॉर्मेट को न अपनाने के कारण हर साल 2400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व नुकसान हो रहा है। मोदी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की बिक्री पर खुशी जताई और बीसीसीआई से अपील की कि वह मूल फॉर्मेट पर लौटे। उनका कहना है कि मैचों की संख्या में कमी से लीग और फ्रेंचाइजी की वैल्यू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
 

ललित मोदी का बयान

पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि आईपीएल के होम-एंड-अवे फॉर्मेट पर वापस न लौटने के कारण हर साल 2400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व नुकसान हो रहा है। मोदी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) की बिक्री पर खुशी व्यक्त की, जो लगभग 31,000 करोड़ रुपये में बिकीं, जिससे लीग की कुल वैल्यू में वृद्धि हुई है। उन्होंने बीसीसीआई से अनुरोध किया कि वह मूल फॉर्मेट पर लौटे।


मैचों की संख्या में कमी

शुरुआत में यह तय हुआ था कि हर टीम एक-दूसरे से दो बार खेलेगी। अब 10 टीमों के साथ, लीग स्टेज में 90 मैच और 4 नॉकआउट मैच होने चाहिए, यानी कुल 94 मैच। लेकिन वर्तमान में आईपीएल में केवल 74 मैच खेले जा रहे हैं। मोदी ने स्पोर्टस्टार को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'बीसीसीआई को हर मैच पर 50 प्रतिशत राजस्व मिलता है, जबकि बाकी 50 प्रतिशत टीमों में बांटा जाता है। अब टीमें 20 मैच कम खेल रही हैं, जो कि कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के खिलाफ है।'


फॉर्मेट की असली वैल्यू

मोदी ने कहा, 'होम-एंड-अवे फॉर्मेट में असली वैल्यू है। अगर कैलेंडर में जगह नहीं है, तो टीमों की संख्या मत बढ़ाओ। हमने यही तो बेचा था। क्या सभी ने इस बदलाव पर हस्ताक्षर किए हैं? मुझे यकीन है कि नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि टीमों को होम-एंड-अवे मैच खेलने का अधिकार है।


राजस्व का प्रभाव

ललित मोदी ने यह भी बताया कि मैचों की संख्या में कमी से फ्रेंचाइजी और पूरी लीग की वैल्यू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'अगर आज 94 मैच होम-एंड-अवे फॉर्मेट में खेले जाते और हर मैच की वैल्यू 118 करोड़ रुपये होती, तो मीडिया राइट्स से अतिरिक्त 2400 करोड़ रुपये मिलते। बीसीसीआई को 2400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता।' आगे उन्होंने कहा, 'इसमें से 1200 करोड़ रुपये 10 टीमों को मिलते, जिससे हर टीम को 120 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलते और टीमों की वैल्यू भी अपने आप बढ़ जाती।'