विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के पीछे की वजहें
विराट कोहली का संन्यास
विराट कोहली ने एक साल पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया, जिससे उनके प्रशंसक चकित रह गए। उन्होंने इस फैसले के बाद इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अपने क्रिकेट करियर को हमेशा खुशी के साथ याद करेंगे। उनके फैंस अब भी जानना चाहते हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया।
संन्यास के पीछे की अटकलें
कोहली के संन्यास के कारणों पर कई अटकलें लगाई गईं। कुछ का मानना था कि गौतम गंभीर के साथ उनका विवाद है, जबकि अन्य ने कहा कि वे बीसीसीआई के साथ तालमेल नहीं बिठा पाए। इसके बावजूद, उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के बाद भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का निर्णय लिया।
विराट कोहली का बयान
विराट कोहली, क्रिकेटर:-
जब मैं मैदान पर उतरता हूं, तो मैं 100 प्रतिशत प्रयास करता हूं। मैं हर गेंद को अंतिम गेंद की तरह खेलता हूं। अगर मुझे अपनी क्षमता साबित करनी पड़े, तो यह जगह मेरे लिए नहीं है।
क्या गौतम गंभीर और BCCI का था इशारा?
हालांकि विराट ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कई लोग इसे विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। लंबे समय से सीनियर खिलाड़ियों और बीसीसीआई के बीच तनाव की खबरें आ रही थीं। रिपोर्टों में गौतम गंभीर और रोहित शर्मा के बीच प्रैक्टिस के दौरान दूरी की चर्चा की गई थी। विराट और गंभीर के रिश्ते में भी पहले जैसी गर्मजोशी नहीं रही।
IPL में विराट कोहली का प्रदर्शन
विराट के रिटायरमेंट से पहले रोहित शर्मा ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। टेस्ट और टी20 से दूर रहने के बावजूद, विराट इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने 12 पारियों में 484 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 165.75 है। वे ऑरेंज कैप की दौड़ में भी बने हुए हैं।
विराट कोहली का टेस्ट करियर
विराट कोहली ने 2011 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा। उन्होंने 123 मैचों में 9230 रन बनाए, जिसमें उनकी औसत 46.85 रही। उनके नाम 30 शतक और 51 अर्धशतक हैं। रिटायरमेंट के समय, वह 10,000 टेस्ट रनों से केवल 770 रन दूर थे। यदि वे खेलते रहते, तो वे सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के बाद दो फॉर्मेट में 10,000 रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बन जाते।