अर्जेंटीना ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बनाई
अर्जेंटीना की सेमीफाइनल में एंट्री
लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना की टीम FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्वार्टर-फाइनल में अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया, जो कि एक्स्ट्रा टाइम में हुआ। निर्धारित समय में स्कोर 1-1 पर बराबरी पर रहा। इसके बाद जूलियन अल्वारेज और लौटारो मार्टिनेज ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल करके अर्जेंटीना को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया, जहां उनका सामना इंग्लैंड से होगा। इंग्लैंड ने नॉर्वे को हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई है। दूसरे सेमीफाइनल में फ्रांस का मुकाबला स्पेन से होगा, और यह पहली बार है जब FIFA रैंकिंग की टॉप-4 टीमें वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंची हैं।
मेसी का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
मैच से पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि अर्जेंटीना आसानी से स्विट्जरलैंड को हरा देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप में लगातार गोल करने का सिलसिला नौ मैचों पर खत्म हो गया। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। मेसी FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में 10 असिस्ट करने वाले पहले फुटबॉलर बन गए हैं। उन्होंने 10वें मिनट में कॉर्नर किक ली, जिस पर एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने हेडर से गोल करके अर्जेंटीना को शुरुआती बढ़त दिलाई। इससे पहले, मेसी ने मैदान पर उतरते ही वर्ल्ड कप में 15 नॉकआउट मैच खेलने का रिकॉर्ड भी बनाया था।
स्विस टीम का संघर्ष
दूसरा हाफ काफी रोमांचक रहा। स्विट्जरलैंड ने 67वें मिनट में डैन एनडोये के गोल से बराबरी हासिल की। लेकिन इसके कुछ समय बाद ब्रील एम्बोलो को रेड कार्ड मिला, जिससे स्विट्जरलैंड को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। एम्बोलो के रेड कार्ड पर विवाद भी हुआ, क्योंकि अर्जेंटीना के लिएंड्रो पेरेदेस को येलो कार्ड दिखाया गया था। वीडियो फुटेज से स्पष्ट था कि एम्बोलो अर्जेंटीना के मिडफील्डर से टकराने से पहले ही गिर गए थे। एम्बोलो को पहले ही येलो कार्ड मिल चुका था, जो बाद में रेड कार्ड में बदल गया। इस वर्ल्ड कप में यह दूसरी बार है जब येलो कार्ड का फैसला बदला गया है।
अर्जेंटीना की नॉकआउट में कठिनाई
अर्जेंटीना की टीम ने वर्ल्ड कप में लगातार 12वां मैच जीतने का रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन नॉकआउट स्टेज में उनकी प्रदर्शन कमजोर नजर आई है। केप वर्डे जैसे छोटे देश के खिलाफ उनका मुकाबला भी एक्स्ट्रा टाइम तक खींच गया था। वहीं, मिस्र के खिलाफ टीम 79वें मिनट तक 2-0 से पीछे थी। अब स्विट्जरलैंड के खिलाफ मिली यह कठिन जीत अर्जेंटीना के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।