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Asian Games 2026: भारत की कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने जीता गोल्ड, चिकिथा और साहिल की जोड़ी ने किया कमाल

भारत की कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर एक और उपलब्धि हासिल की है। चिकिथा तनिपर्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को हराया। इस जीत के साथ भारत के पदक तालिका में गोल्ड की संख्या 8 हो गई है। जानिए इस रोमांचक मुकाबले के बारे में और कैसे भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में भी शानदार खेल दिखाया।
 

भारत की नई उपलब्धि


नई दिल्ली: एशियन गेम्स में भारत ने एक और सुनहरी उपलब्धि हासिल की है। महिला खिलाड़ियों की शानदार जीत के बाद, कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने देश को जश्न मनाने का अवसर दिया है।


गोल्ड मेडल मुकाबला

भारत का गोल्ड मेडल मुकाबला दक्षिण कोरिया के खिलाफ था। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बना लिया। पहले दो सेट में चिकिथा और साहिल ने अपने हर तीर को 10 के घेरे में उतारकर शानदार प्रदर्शन किया। इसी बेहतरीन निशानेबाजी के चलते पहले हाफ के बाद भारत 80-78 से आगे था।


शूट-ऑफ में निर्णायक पल

शूट-ऑफ में हुआ फैसला


कोरियाई टीम ने भी हार नहीं मानी और अंत तक मुकाबला कड़ा रखा। अंतिम सेट के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 पर बराबर रहा, जिसके बाद निर्णय शूट-ऑफ में हुआ। यहां भारतीय तीरंदाजों ने दबाव के बावजूद अपनी नसों पर काबू रखा और सटीक निशाना लगाकर जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारत के पदक तालिका में गोल्ड की संख्या 8 हो गई।


सेमीफाइनल की रोमांचक यात्रा

सेमीफाइनल भी रहा रोमांचक


फाइनल तक का सफर भी आसान नहीं था। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी को थाईलैंड की मजबूत टीम से मुकाबला करना पड़ा। यह मुकाबला इतना करीबी था कि हर तीर के साथ दर्शकों की धड़कनें तेज होती रहीं। पहले एंड में भारत ने 39-37 की बढ़त बनाई और फिर दबाव भरे क्षणों में भी संयम बनाए रखा। थाईलैंड ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अंतिम क्षणों में चिकिथा और साहिल के अचूक निशानों ने बाजी पलट दी। भारत ने यह मैच 156-155 के मामूली अंतर से जीतकर फाइनल में जगह बनाई।


तीरंदाजी जैसे खेल में हर अंक की अहमियत होती है और इस जोड़ी ने साबित किया कि सही समय पर ठंडा दिमाग ही जीत दिलाता है। सेमीफाइनल की कड़ी टक्कर से लेकर फाइनल के शूट-ऑफ तक दोनों खिलाड़ियों ने अद्भुत धैर्य दिखाया। इस स्वर्णिम प्रदर्शन ने एशियन गेम्स में भारत की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।