ग्लासगो में संपन्न हुए 2026 राष्ट्रमंडल खेल: भारत ने जीते 39 पदक
समापन समारोह का भव्य आयोजन
नई दिल्ली: 11 दिनों तक चले रोमांचक खेलों के बाद, 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का समापन स्कॉटलैंड के ग्लासगो में एक भव्य समारोह के साथ हुआ। इस समापन समारोह में कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज और बैटन औपचारिक रूप से भारत को सौंपा गया। अगले 2030 में इन खेलों का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होगा, जो इस बार खास होगा क्योंकि यह कॉमनवेल्थ गेम्स की 100वीं वर्षगांठ है।
नीरज चोपड़ा और पीटी उषा ने ध्वज ग्रहण किया
ग्लासगो के ओवीओ हाइड्रो एरीना में आयोजित समापन समारोह में स्कॉटलैंड के प्रतिनिधियों ने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज और बैटन सौंपा। इस अवसर पर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इसे ग्रहण किया। इस समारोह के साथ भारत ने 2030 खेलों की मेजबानी की जिम्मेदारी भी संभाल ली।
भारतीय संस्कृति की झलक
समापन समारोह की शुरुआत स्कॉटलैंड की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसके बाद भारत की विविध संस्कृति और परंपराओं का शानदार प्रदर्शन किया गया। अभिनेत्री मानुषी छिल्लर और श्यामक डावर डांस स्टूडियो के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन ने अपने बेटों सिद्धार्थ और शिवम के साथ कई लोकप्रिय गीत गाए, जिससे माहौल पूरी तरह से भारतीय रंग में रंग गया।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भारत और स्कॉटलैंड के कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति रही। सितार वादक ऋषभ ऋखीराम शर्मा और स्कॉटिश संगीतकार रॉस एन्सली ने संगीत के माध्यम से दोनों देशों की सांस्कृतिक धरोहर को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
भारत का शानदार प्रदर्शन
भारत ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन कुल 39 पदकों के साथ किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा और लगातार शीर्ष पांच देशों में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहा।
मुक्केबाजी और एथलेटिक्स में सफलता
भारतीय मुक्केबाजों और एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी में भारत ने 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 10 पदक जीते, जो एक नया रिकॉर्ड है। एथलेटिक्स में भी भारत ने 10 पदक जीते। वहीं, भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने भी इस बार बेहतरीन प्रदर्शन किया। पैरा एथलेटिक्स में छह पदक जीतकर भारत ने 20 साल बाद इस स्पर्धा में नया इतिहास रचा।