भारत के खिलाड़ियों ने Commonwealth Games 2026 में किया शानदार प्रदर्शन, लवप्रीत ने जीता रजत पदक
भारत का शानदार दिन
नई दिल्ली: राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कुश्ती से लेकर एथलेटिक्स तक, भारतीय एथलीटों ने कई स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की 110 किलोग्राम से अधिक वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीता, जबकि सीमा कालीरमन ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक हासिल किया। इसके अलावा, नीरज चोपड़ा ने रोहित यादव और यशवीर सिंह के साथ जेवलिन थ्रो के फाइनल में जगह बनाई, और तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन में पदक की दौड़ में मजबूती से बने रहे।
लवप्रीत का अद्भुत प्रदर्शन
लवप्रीत सिंह ने अपने करियर का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 176 किलोग्राम के स्नैच के साथ नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने कुल 388 किलोग्राम (176+212) भार उठाकर प्रतियोगिता समाप्त की। हालांकि, स्वर्ण पदक न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने जीता, जिन्होंने कुल 389 किलोग्राम भार उठाया। लवप्रीत ने स्नैच में 10 किलोग्राम की बढ़त बनाई, लेकिन क्लीन एंड जर्क में लिटी ने शानदार वापसी की। लवप्रीत को शीर्ष स्थान बनाए रखने के लिए 217 किलोग्राम उठाना था, लेकिन वह सफल नहीं हो सके।
Strength, determination and another podium finish for Bharat!
— Virendraa Sachdeva (@Virend_Sachdeva) July 31, 2026
Heartiest congratulations to Lovepreet Singh on winning the Silver Medal in the Men’s 110+ kg Weightlifting event at the #CWG2026 with a remarkable total lift of 388 kg.
Your incredible display of power,… pic.twitter.com/eaE5eulr4I
महिलाओं की वेटलिफ्टिंग में संघर्ष
महिलाओं की +86 किलोग्राम वर्ग में 18 वर्षीय मार्टिना देवी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती दोनों स्नैच प्रयासों में असफल रहने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अंतिम प्रयास में 105 किलोग्राम उठाकर प्रतियोगिता में बने रहने में सफलता पाई। कुल 245 किलोग्राम (105+140) उठाने के बावजूद, वह चौथे स्थान से चूक गईं।
भारत का कुल पदक tally
भारत के नाम रहे कुल 8 मेडल
लवप्रीत का यह रजत पदक बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में जीते गए उनके कांस्य पदक से एक कदम आगे का प्रदर्शन है। भारत के वेटलिफ्टिंग दल ने ग्लासगो में कुल आठ पदक जीते, जिसमें एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य शामिल है। मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत की इकलौती स्वर्णिम सफलता दर्ज की, जबकि ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने रजत पदक जीते। ज्ञानेश्वरी यादव और बिंद्यारानी देवी ने भी अपने प्रदर्शन से उम्मीदों पर खरा उतरते हुए मजबूत प्रदर्शन किया। वल्लूरी अजया बाबू और हरजिंदर कौर ने भी टीम को भविष्य के लिए नई उम्मीदें दी हैं।