भारत ने विश्व रोइंग कप में जीता पहला स्वर्ण, लक्ष्य और उज्ज्वल बने सितारे
भारत ने रोइंग में रचा इतिहास
नई दिल्ली: भारत ने विश्व रोइंग कप में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में आयोजित इस प्रतियोगिता में, लक्ष्य और उज्ज्वल कुमार सिंह की जोड़ी ने लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों ने फाइनल में 6 मिनट 26.09 सेकंड का समय निकालकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
प्रतिष्ठित टीमों को पीछे छोड़कर मिली जीत
भारतीय जोड़ी ने फाइनल में हांगकांग और नीदरलैंड जैसी मजबूत टीमों को हराया। हांगकांग ने 6:27.14 का समय लेकर रजत पदक जीता, जबकि नीदरलैंड की टीम 6:27.36 के समय के साथ तीसरे स्थान पर रही। यह ध्यान देने योग्य है कि लक्ष्य और उज्ज्वल का यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला मुकाबला था, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
भारतीय रोइंग के लिए एक ऐतिहासिक क्षण
विश्व रोइंग कप को इस खेल के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है। यहां दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ी और ओलंपिक स्तर की जोड़ियां भाग लेती हैं। ऐसे मंच पर भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतना भारतीय रोइंग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता आगामी विश्व रोइंग चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगी।
दोनों खिलाड़ी भारतीय सेना के जवान
लक्ष्य और उज्ज्वल कुमार सिंह दोनों भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाला पूरा भारतीय दल भी सशस्त्र बलों से जुड़ा था। भारतीय सेना के खेल एवं साहसिक संगठन ने इस उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इसे देश और सेना के लिए गर्व का क्षण बताया।
मेहनत और अनुशासन का फल
आर्मी रोइंग नोड के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रामकृष्णन ने कहा कि यह जीत वर्षों की मेहनत, अनुशासन और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है। उनके अनुसार, यह सफलता न केवल भारतीय रोइंग को नई पहचान देगी, बल्कि देश के युवा खिलाड़ियों को भी इस खेल में आगे बढ़ने और भारत का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।