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राजा मुथुपंडी की शानदार वापसी: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर मेडल

भारतीय वेटलिफ्टर राजा मुथुपंडी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 65 किलोग्राम श्रेणी में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी वापसी का जश्न मनाया। गंभीर चोटों के बावजूद, उन्होंने 286 किलोग्राम वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की। मलेशिया के अज़नील बिन बिदिन मोहम्मद ने गोल्ड मेडल जीता। जानें राजा की संघर्ष कहानी और अन्य भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बारे में।
 

राजा मुथुपंडी की उपलब्धि


नई दिल्ली: भारतीय वेटलिफ्टर राजा मुथुपंडी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 65 किलोग्राम श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता है। यह भारत के लिए दिन का तीसरा पदक है। उल्लेखनीय है कि गंभीर चोट के बाद राजा ने इस प्रतियोगिता में दमदार वापसी की है।


राजा ने कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम शामिल हैं। उन्होंने दोनों प्रयासों में अपने दूसरे प्रयास में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें रजत पदक प्राप्त हुआ।


गोल्ड मेडल विजेता

किसने जीता गोल्ड मेडल 


इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक मलेशिया के अज़नील बिन बिदिन मोहम्मद ने जीता, जिन्होंने कुल 299 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किया। यह उनकी लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में जीत है, क्योंकि उन्होंने 2018 और 2022 में भी स्वर्ण पदक जीते थे।


राजा की संघर्ष कहानी

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा (पुरुष) में रजत पदक जीतकर विश्व पटल पर तिरंगे का गौरव बढ़ाने वाले राजा मुथुपांडी जी को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं!

आपकी यह शानदार उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर से आपके उज्ज्वल एवं सफल… pic.twitter.com/BuNfvs5cQT

— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) July 27, 2026


राजा की यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2019 में कोहनी के लिगामेंट में गंभीर चोट लगने के बाद उनका करियर मुश्किल दौर से गुजरा था। कोविड-19 महामारी ने उनकी वापसी को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। इसके बाद, भारवर्ग में बदलाव और जेरेमी लालरिनुंगा के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण वह 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम में जगह नहीं बना पाए थे।


कभी हार न मानने वाला

कभी नहीं मानी हार 


हालांकि, राजा ने हार नहीं मानी। 65 किलोग्राम वर्ग में वापसी के बाद उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। 2025 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 299 किलोग्राम कुल वजन उठाकर शीर्ष-10 में जगह बनाई। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और धैर्य से वापसी हमेशा संभव है।


अन्य पदक विजेता

मीराबाई चानू ने जीता गोल्ड 


रविवार को भारत के तीनों पदक वेटलिफ्टिंग से आए। इससे पहले, मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीता, जबकि चनंबम ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किलोग्राम स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं, बॉक्सिंग में भारत को पहला झटका लगा, जब भारतीय मुक्केबाज आदित्य प्रताप यादव प्री-क्वार्टर फाइनल में युगांडा के नूहू बैटे से 3-2 के करीबी मुकाबले में हार गए। ग्लासगो 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम की यह पहली हार रही।