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श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत का इंग्लैंड दौरा: हार के सबक और फील्डिंग की कमी

भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड दौरे पर निराशाजनक प्रदर्शन किया, जहां श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी। अय्यर ने हार के कारणों पर चर्चा करते हुए फील्डिंग की कमी और साझेदारियों की कमी को प्रमुख कारण बताया। जानें इस दौरे से टीम ने क्या सबक सीखे और इंग्लैंड की बल्लेबाजी की तारीफ कैसे की गई।
 

टी20 विश्व चैंपियन बनने के बाद निराशाजनक प्रदर्शन

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप में जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम से इंग्लैंड दौरे पर बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीदें थीं, लेकिन परिणाम इसके विपरीत रहा। श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम इंडिया आयरलैंड और इंग्लैंड में एक भी मैच जीतने में असफल रही। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में भारत को 4-0 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तान अय्यर ने हार के कारणों पर खुलकर चर्चा की।


अंतिम मैच में भी हार का सामना

सीरीज के अंतिम टी20 मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जोस बटलर ने 131 रन और कप्तान हैरी ब्रूक ने नाबाद 95 रन की शानदार पारी खेली। भारतीय टीम ने जवाब में 8 विकेट खोकर केवल 201 रन बनाए और मैच हार गई।


कप्तान अय्यर ने सीखे गए सबक साझा किए

मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि इस दौरे ने टीम को कई महत्वपूर्ण सबक सिखाए हैं। उनके अनुसार, विदेशी परिस्थितियों में खेलते समय हालात को समझना और रणनीति में बदलाव करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बल्लेबाजी के दौरान टीम का दृष्टिकोण सही नहीं था और खिलाड़ियों को मैच की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा।


फील्डिंग में कमी ने बढ़ाई मुश्किलें

अय्यर ने यह भी माना कि टीम की फील्डिंग उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा कि कई आसान कैच छोड़े गए, जिसका फायदा इंग्लैंड को मिला। कप्तान का मानना है कि विदेशी मैदानों पर बेहतर फील्डिंग करना बेहद जरूरी है और इस क्षेत्र में टीम को काफी मेहनत करनी होगी।


साझेदारियों की कमी से पड़ी दबाव

कप्तान ने यह भी बताया कि बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते समय बड़ी साझेदारियां बनाने के बजाय तेजी से रन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। लगातार विकेट गिरने से टीम पर दबाव बढ़ गया और वे बड़े लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। उनके अनुसार, यदि साझेदारियां बनतीं तो 220 से 225 रन का लक्ष्य हासिल करना संभव था।


इंग्लैंड की बल्लेबाजी की सराहना

श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जोस बटलर और हैरी ब्रूक ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी रणनीति को बेहतरीन तरीके से लागू किया। दोनों के बीच की बड़ी साझेदारी ने इंग्लैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और वहीं से मैच भारत के हाथ से निकल गया।