T20 World Cup 2026: संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ किया शानदार प्रदर्शन
T20 World Cup 2026 में संजू सैमसन की वापसी
T20 World Cup 2026: संजू सैमसन ने आखिरकार अपने फॉर्म में वापसी की है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 के महत्वपूर्ण मैच में उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाते हुए टीम को जीत दिलाई। हाल के दिनों में उनकी फॉर्म में गिरावट आई थी, लेकिन उनकी मेहनत ने उन्हें सही समय पर वापसी करने में मदद की। मैच के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
खराब फॉर्म से जूझना
संजू सैमसन पिछले कुछ समय से अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रख पा रहे थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में भी वह रन बनाने में असफल रहे। विश्व कप के प्रारंभिक चरण में भी उन्हें टीम से बाहर रखा गया था। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टीम के शीर्ष क्रम में समस्याएं थीं, जिसके चलते संजू को ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मैच के बाद संजू का बयान
मैच के बाद संजू ने कहा कि उन्होंने अपने खेल में ज्यादा बदलाव नहीं किए। उन्हें पता था कि वह पहले इसी शैली में अच्छा खेल चुके हैं, इसलिए उन्होंने खुद पर विश्वास रखा। उन्होंने फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूर रहे और केवल अपनी आवाज सुनी। उन्होंने कहा, "मैंने खुद की सुनी। शॉट सिलेक्शन पर ध्यान दिया लेकिन ज्यादा बदलाव नहीं किया।"
ईडन गार्डन्स में शानदार प्रदर्शन
वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 का यह मैच जीतना बेहद जरूरी था। वेस्टइंडीज ने 195 रन बनाए, जबकि भारत को 196 रनों का लक्ष्य मिला। शुरुआत में विकेट गिरने के बावजूद संजू ने स्थिति को संभाला और 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। भारत ने 5 विकेट से जीत हासिल की और सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह भारत का विश्व कप में सबसे बड़ा सफल चेज था।
दबाव में खेलना
संजू ने स्वीकार किया कि चेज करना चुनौतीपूर्ण था। ओस के कारण खेल आसान लग रहा था, लेकिन लगातार विकेट गिरने से मुश्किलें बढ़ गईं। फिर भी, उनके अनुभव ने उन्हें मदद की। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि गेम खत्म करना है। प्रेशर में रिस्क कम लिया और बाउंड्री पर ध्यान केंद्रित किया।" कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा का समर्थन मिला, लेकिन संजू ने खुद ही जिम्मेदारी संभाली।
नेगेटिव से पॉजिटिव सोच
खराब दौर में संजू ने खुद से सवाल किए। उन्होंने कहा, "मन में नेगेटिव विचार आते हैं जैसे 'क्या मैं कर सकता हूं?' लेकिन मैं उन्हें पॉजिटिव में बदलता हूं।" 10 दिन का ब्रेक मिलने पर उन्होंने अपने बेसिक्स पर काम किया। कई सुझाव आए, लेकिन उन्होंने पुराने सेटअप पर लौटने का निर्णय लिया, क्योंकि उसी से उन्होंने तीन अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए थे।
बचपन का सपना साकार
संजू ने भावुक होकर कहा कि यह उनके लिए एक खास पल था। केरल के त्रिवेंद्रम का एक लड़का देश के लिए खेलने का सपना देखता था। उन्होंने हिम्मत से सपना देखा और वह सच हो गया। लाखों क्रिकेटर ऐसे दिन का इंतजार करते हैं, और संजू ने इसे जी लिया।