परीक्षित सोमानी पर चार साल का प्रतिबंध, डोप टेस्ट में मिली थी गड़बड़ी
भारतीय टेनिस खिलाड़ी पर प्रतिबंध
भारतीय टेनिस खिलाड़ी परीक्षित सोमानी को पिछले वर्ष अस्ताना में आयोजित ATP चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के कारण चार साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा है। इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (ITIA) के स्वतंत्र ट्रिब्यूनल ने यह निर्णय लिया। 26 वर्षीय परीक्षित ने जुलाई 2023 में अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ युगल रैंकिंग 256 हासिल की थी।
डोप टेस्ट का परिणाम
कजाकिस्तान में 31 जुलाई 2025 को लिए गए उनके नमूने में ट्राइमेटाजिडीन नामक प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया। इसके बाद, उन्हें 23 सितंबर 2025 को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। परीक्षित ने यह तर्क दिया कि दूषित भोजन के कारण उनके नमूने में यह पदार्थ पाया गया, लेकिन ITIA ने उनकी इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
परीक्षित की दलीलें
ITIA ने बताया कि फरवरी 2026 में परीक्षित ने यह दावा किया कि उनके परिवार के किसी सदस्य ने खाना बनाते समय दवा का उपयोग किया था, जिससे भोजन दूषित हो गया। 19 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई में उन्होंने इसी दावे को अपने बचाव के लिए प्रस्तुत किया। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने वैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय के आधार पर उनकी दलील को अविश्वसनीय और असंतोषजनक माना।
सोर्स का प्रमाण नहीं
ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि परीक्षित अपने नमूने में पाए गए प्रतिबंधित पदार्थ के स्रोत को साबित नहीं कर सके, जिसके कारण उन्हें कोई राहत नहीं दी गई। पहले से लागू अस्थायी प्रतिबंध की अवधि को चार साल की सजा में शामिल किया जाएगा, जिससे उनका प्रतिबंध 22 सितंबर 2029 को समाप्त होगा। इस अवधि के दौरान, परीक्षित को वर्ल्ड टेनिस, WTA, ATP, ग्रैंड स्लैम या किसी भी राष्ट्रीय टेनिस फेडरेशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।