अभिजीत गुप्ता ने ओडिशा ओपन पुरस्कार राशि के लिए सरकार से मदद मांगी
अभिजीत गुप्ता की पुरस्कार राशि का मामला
इस वर्ष की शुरुआत में ओडिशा ओपन चेस टूर्नामेंट जीतने वाले भारतीय ग्रैंडमास्टर अभिजीत गुप्ता ने अब तक अपनी पुरस्कार राशि प्राप्त नहीं की है। उन्होंने इस स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए सरकार से सहायता की अपील की है। अभिजीत ने शनिवार (9 मई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर खेल मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अभिजीत ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) को भी इस संबंध में पत्र लिखा था, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उन्हें पुरस्कार राशि नहीं मिली। इसके चलते उन्हें खेल मंत्रालय से मदद मांगनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार, ओडिशा चेस फेडरेशन में आंतरिक विवाद चल रहा है, जिसके कारण उनका बैंक खाता फ्रीज हो गया है, और आयोजक बकाया राशि का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
पुरस्कार राशि की समय सीमा
अभिजीत ने X पर लिखा, 'मैं खेल मंत्रालय से निवेदन करता हूं कि इस मामले पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि खिलाड़ियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ उनकी उचित पुरस्कार राशि मिले। यह केवल एक पुरस्कार राशि का मामला नहीं है, बल्कि यह भारत के सभी चेस खिलाड़ियों की गरिमा और विश्वास से जुड़ा है।'
उन्होंने जनवरी में इस प्रतियोगिता में जीत हासिल की थी और उनका कहना है कि आयोजकों पर उनका 5.5 लाख रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा, 'मैंने जनवरी में ओडिशा ओपन का खिताब जीता था। आयोजकों ने मुझे आश्वासन दिया था कि पुरस्कार राशि एक महीने के भीतर दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब मैंने उनसे इस बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब देना बंद कर दिया।'
अभिजीत ने आगे कहा, 'जीत और हार एक खिलाड़ी के सफर का हिस्सा हैं, लेकिन दुख तब होता है जब आप जीत जाते हैं और फिर भी आपको वह नहीं मिलता जिसके आप हकदार हैं।'
ओडिशा चेस फेडरेशन में आंतरिक विवाद
AICF के एक सूत्र ने बताया कि ओडिशा ओपन के आयोजक अभिजीत को भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि राज्य फेडरेशन के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद के कारण उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है। सूत्र ने कहा, 'राज्य फेडरेशन के भीतर आपसी कलह चल रही है, प्रतिद्वंद्वी गुट आपस में विवाद में उलझे हुए हैं, जिसके कारण खाता फ्रीज कर दिया गया है और खिलाड़ियों को उनका बकाया नहीं मिल रहा है।'