×

अंबाला के सुरेंद्र कुमार ने बनाई 29 देशों का समय बताने वाली अनोखी घड़ी

हरियाणा के अंबाला निवासी सुरेंद्र कुमार ने एक अनोखी घड़ी बनाई है, जो 29 देशों का समय एक साथ बताती है। इस घड़ी ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपनी जगह बनाई है और अब सुरेंद्र इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। जानें इस अद्भुत कृति के बारे में और कैसे सुरेंद्र ने अपनी रचनात्मकता से सभी को प्रभावित किया है।
 

अंबाला के सुरेंद्र कुमार की अनोखी घड़ी

अंबाला, 20 अप्रैल। हरियाणा के अंबाला निवासी सुरेंद्र कुमार ने अपनी अद्वितीय रचनात्मकता से दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने एक ऐसी घड़ी बनाई है जो एक साथ 29 देशों का सटीक समय प्रदर्शित करती है। सीमित संसाधनों से बनी इस घड़ी ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपनी जगह बना ली है।


हरियाणा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी भी संसाधन की मोहताज नहीं होती। अंबाला के सुरेंद्र कुमार ने एक अद्भुत घड़ी का निर्माण किया है, जो पारंपरिक घड़ियों की सीमाओं को तोड़ती है। जबकि सामान्य घड़ियाँ केवल एक समय और तीन सुइयों (घंटा, मिनट, सेकंड) पर निर्भर होती हैं, सुरेंद्र की यह घड़ी देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। इसकी अनोखी विशेषता के कारण यह घड़ी सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।


इंद्रधनुष के रंगों में छिपा समय का गणित

इंद्रधनुष के रंगों में छिपा समय का गणित


इस घड़ी की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'मल्टी-कंट्री' टाइम डिस्प्ले है। सुरेंद्र ने इसे इस तरह से डिज़ाइन किया है कि यह एक ही प्लेटफॉर्म पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड सहित 29 देशों का समय दिखाती है। उन्होंने अंकों और रंगों का ऐसा तालमेल बनाया है कि हर देश के समय को इंद्रधनुष के रंगों के क्रम में आसानी से पहचाना जा सके। यह घड़ी न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि एक कलात्मक कृति भी है, जिसे बनाने में सुरेंद्र ने अपनी वर्षों की मेहनत और सीमित संसाधनों का भरपूर उपयोग किया है।


अब 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' की तैयारी

अब 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' की तैयारी


सुरेंद्र कुमार के इस अद्वितीय आविष्कार को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। उनके इस हुनर को लिम्का बुक ऑफ इंडिया में आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया है। लेकिन अंबाला के इस प्रतिभाशाली व्यक्ति की यात्रा यहीं समाप्त नहीं होती। सुरेंद्र ने अपनी इस अनोखी घड़ी की एंट्री अब 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' के लिए भेज दी है। उन्हें पूरा विश्वास है कि जल्द ही उनकी यह उपलब्धि विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन करेगी।


परिवार सफलता की प्रेरणा

परिवार सफलता की प्रेरणा


अपनी इस सफलता पर सुरेंद्र कुमार का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के मन में कुछ नया करने की सच्ची इच्छा हो, तो वह बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के निरंतर समर्थन को दिया है। सुरेंद्र के अनुसार, परिवार की हिम्मत ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानने दिया। वे भविष्य में भी इसी तरह के नवाचार जारी रखना चाहते हैं, ताकि वे अपनी वैज्ञानिक और कलात्मक सोच से समाज को कुछ नया दे सकें।