अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा, बीसीसीआई की पेंशन योजना का लाभ उठाएंगे
अजिंक्य रहाणे का क्रिकेट करियर समाप्त
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। अब, क्रिकेट के बाद के अपने जीवन में, उन्हें बीसीसीआई की पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, उन्हें चिकित्सा बीमा और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं भी प्राप्त होंगी।
हर महीने 70 हजार रुपये की पेंशन
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। बीसीसीआई की पेंशन नीति के अनुसार, जिन खिलाड़ियों ने भारत के लिए 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, उन्हें उच्चतम श्रेणी में रखा जाता है। पहले इस श्रेणी के खिलाड़ियों को हर महीने 50 हजार रुपये की पेंशन मिलती थी, लेकिन 2022 में इसे बढ़ाकर 70 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया। इस कारण, रहाणे को अब जीवनभर हर महीने 70 हजार रुपये की निश्चित पेंशन मिलेगी।
पेंशन से जुड़ी विशेष शर्त
बीसीसीआई की पेंशन योजना में एक महत्वपूर्ण नियम भी है। यदि भविष्य में अजिंक्य रहाणे बीसीसीआई के साथ किसी आधिकारिक पद पर कार्य करते हैं, जैसे कि राष्ट्रीय टीम के कोच, सहायक कोच, चयनकर्ता या किसी प्रशासनिक भूमिका में, तो उस समय उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी। क्योंकि उस समय उन्हें बोर्ड से नियमित वेतन प्राप्त होगा। जब वह उस पद से हटेंगे, तो उनकी पेंशन फिर से शुरू हो जाएगी। इसका मतलब है कि यह सुविधा हमेशा उपलब्ध रहेगी, लेकिन बोर्ड की नौकरी के दौरान लागू नहीं होगी।
मेडिकल बीमा और भविष्य की योजनाएं
पेंशन के अलावा, रहाणे को बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेटर्स एसोसिएशन की चिकित्सा योजना का भी लाभ मिलेगा। उन्हें 10 लाख रुपये तक का चिकित्सा बीमा मिलेगा, जिसमें उनकी पत्नी और 25 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित बच्चों को भी शामिल किया गया है। यदि इलाज का खर्च इससे अधिक होता है, तो वह बीसीसीआई के मेडिकल बेनेवोलेंट फंड से अतिरिक्त सहायता भी ले सकते हैं। रहाणे ने यह संकेत दिया है कि वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे और भविष्य में युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की भूमिका निभाना चाहते हैं।