आईपीएल 2023 के लिए नए नियम: प्रैक्टिस पर पाबंदी और अन्य बदलाव
आईपीएल के नए दिशा-निर्देश
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल के अगले सीजन को और अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नियमों में संशोधन किया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, मैच के दिन किसी भी टीम को अभ्यास करने की अनुमति नहीं होगी।
बीसीसीआई का मानना है कि इस निर्णय से मैच के दिन पिच और आउटफील्ड की गुणवत्ता में सुधार होगा, साथ ही खिलाड़ियों पर अतिरिक्त शारीरिक दबाव भी कम होगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां दोनों टीमों को अलग-अलग प्रैक्टिस विकेट दिए जाएंगे। कोई भी टीम विरोधी टीम के विकेट का उपयोग नहीं कर सकेगी।
प्रैक्टिस नियमों में बदलाव
नए नियमों के अनुसार, टीमों को सीमित नेट्स की सुविधा मिलेगी और केवल एक साइड विकेट पर रेंज हिटिंग की अनुमति होगी। ओपन नेट्स का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई टीम अपनी प्रैक्टिस समय से पहले समाप्त कर देती है, तो दूसरी टीम उस विकेट का उपयोग नहीं कर पाएगी।
एक्रेडिटेशन कार्ड की अनिवार्यता
मैच के दिन खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की गतिविधियों पर कड़े नियम लागू किए गए हैं। ड्रेसिंग रूम और मैदान में केवल अधिकृत स्टाफ को ही प्रवेश मिलेगा। सभी सपोर्ट स्टाफ के लिए एक्रेडिटेशन कार्ड रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के दौरान टीम बस से ही स्टेडियम आना होगा, जबकि परिवार और मित्र अलग से यात्रा करेंगे। मैच के दिन फिटनेस टेस्ट पर भी रोक लगा दी गई है।
एलईडी बोर्ड के पास बैठने पर पाबंदी
मैच के दौरान खिलाड़ियों को एलईडी बोर्ड के पास बैठने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें स्पॉन्सर से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा। इसके साथ ही, ऑरेंज और पर्पल कैप पहनना अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रसारण के दौरान प्रदर्शन को स्पष्ट रूप से दिखाया जा सके।
प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ड्रेस कोड
मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भी ड्रेस कोड लागू किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। मैच के दिन मैदान पर केवल सीमित संख्या में सपोर्ट स्टाफ को ही अनुमति दी जाएगी, जिसमें टीम डॉक्टर भी शामिल रहेगा। इन नए नियमों से स्पष्ट है कि बीसीसीआई इस बार आईपीएल को अधिक अनुशासित और पेशेवर तरीके से आयोजित करना चाहता है। खासकर मैच डे पर प्रैक्टिस पर रोक जैसे निर्णय टीमों की रणनीति और खिलाड़ियों की तैयारी के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।