आकिब नबी का भारतीय टीम में चयन: एक अनपेक्षित फोन कॉल की कहानी
आकिब नबी का सफर
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टीम में शामिल होने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन एक फोन कॉल ने उनकी किस्मत बदल दी। श्रीलंका दौरे पर जाने के बजाय, उन्हें टीम में शामिल होने का मौका मिला। घरेलू क्रिकेट में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद, उनका इंतजार खत्म हुआ।
एयरपोर्ट पर आया अचानक फोन
जब आकिब नबी एयरपोर्ट पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जाने के लिए तैयार थे, तभी उनका फोन बजा। उन्हें लगा कि श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम का ऐलान हो चुका है और उन्हें अपने खेल पर और मेहनत करनी होगी। चयनकर्ता ने फोन पर पूछा कि वह कहां हैं और फिर उन्हें बताया कि CoE जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि श्रीलंका पहुंचें। यह खबर उनके लिए पूरी तरह से अप्रत्याशित थी, क्योंकि उनका नाम पहले घोषित टीम में नहीं था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस पर विश्वास ही नहीं हुआ। यह फोन कॉल उनके लिए सिर्फ टीम में जगह मिलने की सूचना नहीं थी, बल्कि कई वर्षों के इंतजार का अंत भी था।
रणजी में शानदार प्रदर्शन के बाद भी नहीं मिला मौका
नबी ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अपने आपको साबित किया। 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीज़न में उन्होंने 44 विकेट लिए। अगले सीज़न में उनका प्रदर्शन और भी बेहतर रहा, जहां उन्होंने 10 मैचों में 12.56 की औसत से 60 विकेट लिए और जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट भी चुना गया। इसके बावजूद, भारतीय टीम में उनका चयन नहीं हुआ। IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, और पांच मैचों में वह एक भी विकेट नहीं ले सके। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में चयन न होने पर भी सवाल उठे।
बुमराह के बाहर होने से खुला टीम इंडिया का रास्ता
नबी को श्रीलंका दौरे पर इंडिया A टीम में खेलने का मौका मिला, जहां अनऑफिशियल टेस्ट में उन्होंने चार विकेट लेकर अपनी दावेदारी मजबूत की। फिर भी, वह भारतीय टेस्ट टीम की प्रारंभिक सूची में शामिल नहीं थे। जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बाद, नबी के लिए टीम में जगह बन गई। नबी का मानना था कि अगर वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे, तो मौका जरूर आएगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेटर का काम प्रदर्शन करना और विकेट लेना है, बाकी चीजें उसके हाथ में नहीं होतीं। टीम में नाम आने के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल था। जिस सफर के लिए उन्होंने वर्षों तक मेहनत की, उसमें श्रीलंका का फोन उनके लिए इंडिया कैप तक पहुंचने का रास्ता बन गया।