आशीष नेहरा का क्रिकेट सफर: चोटों से जूझते हुए बने कोचिंग के सितारे
आशीष नेहरा का जन्मदिन
नई दिल्ली: गुजरात टाइटंस को अपने पहले सीजन में चैंपियन बनाने वाले कोच आशीष नेहरा का आज जन्मदिन मनाया जा रहा है। उनका जन्म 29 अप्रैल 1979 को हुआ था और वे एक प्रसिद्ध क्रिकेट कोच और पूर्व क्रिकेटर हैं, जिन्होंने खेल के सभी प्रारूपों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
क्रिकेट करियर की शुरुआत
आशीष नेहरा ने अपने करियर में कई बड़े बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी से परेशान किया है। हालांकि, उनका क्रिकेट सफर आसान नहीं रहा। आइए जानते हैं उनके तेज गेंदबाज से सफल आईपीएल कोच बनने तक की कहानी।
1999 में किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण
नेहरा ने 1999 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, जब उन्होंने कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच खेला। इसके बाद, 2001 में उन्होंने अपना पहला वनडे मैच हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला। 2009 में, उन्होंने नागपुर में श्रीलंका के खिलाफ टी20 में भी पदार्पण किया।
चोटों से जूझते हुए विश्व कप में जगह
चोट से जूझने के बावजूद विश्व कप में बनाई जगह
नेहरा का करियर कई चोटों से प्रभावित रहा, लेकिन उन्होंने 2009 में शानदार वापसी की। उस वर्ष उन्होंने 31 वनडे विकेट लेकर अपनी क्षमता साबित की। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें 2011 विश्व कप में शामिल किया गया।
विश्व कप में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, चोट के कारण वह फाइनल से बाहर हो गए। 18 साल के करियर के बाद, उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहा।
कोचिंग करियर की शुरुआत
डेब्यू सीजन में जीटी को विजेता बनाया
नेहरा ने कोचिंग में कदम रखा और 2022 में गुजरात टाइटंस को आईपीएल में हेड कोच बनाया। उनकी रणनीतियों के चलते टीम ने पहले सीजन में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। 2023 में, टीम उपविजेता भी रही।
क्रिकेट करियर का संक्षिप्त विवरण
कुछ ऐसा रहा क्रिकेट करियर
नेहरा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 120 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 157 विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 17 मैचों में 44 विकेट और टी20 में 27 मैचों में 34 विकेट अपने नाम किए।