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इंग्लैंड और घाना के बीच फीफा विश्व कप 2026 का मुकाबला गोलरहित समाप्त

फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड और घाना के बीच खेला गया मुकाबला गोलरहित समाप्त हुआ। इंग्लैंड ने गेंद पर 79 प्रतिशत नियंत्रण रखा, लेकिन गोल करने में असफल रहा। मैच के बाद, इंग्लैंड के मिडफील्डर जूड बेलिंघम ने टीम के प्रदर्शन पर निराशा व्यक्त की। घाना के कोच ने VAR के फैसलों पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि उनकी टीम को एक पेनल्टी मिलनी चाहिए थी। जानें इस दिलचस्प मुकाबले की सभी मुख्य बातें।
 

फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड और घाना का मुकाबला


नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड और घाना के बीच खेला गया मैच बिना किसी गोल के समाप्त हुआ। इस खेल के बाद चर्चा का विषय स्कोरलाइन नहीं, बल्कि दोनों टीमों की प्रतिक्रियाएं और VAR विवाद बन गया। इंग्लैंड ने मैदान पर दबदबा बनाए रखा, फिर भी जीत हासिल करने में असफल रहा, जिससे खिलाड़ियों और प्रशंसकों में निराशा का माहौल था।


बोस्टन स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और कई बार आक्रमण किया। हालांकि, टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दूसरी ओर, घाना ने अनुशासित रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया और इंग्लैंड के हमलों को प्रभावी ढंग से रोका, जिससे उन्हें एक महत्वपूर्ण अंक मिला।


गेंद पर कब्जा, लेकिन गोल नहीं

आंकड़ों के अनुसार, इंग्लैंड ने गेंद पर लगभग 79 प्रतिशत नियंत्रण रखा और कुल 19 शॉट लगाए। इनमें से चार प्रयास लक्ष्य पर थे, लेकिन कोई भी गोल में तब्दील नहीं हो सका। यह विश्व कप इतिहास के उन दुर्लभ मैचों में से एक बन गया, जहां किसी टीम ने इतना अधिक बॉल पजेशन रखा, फिर भी गोल नहीं कर पाई।


पिछले 60 वर्षों में विश्व कप के किसी मैच में इतनी अधिक गेंद पर कब्जा होने के बावजूद गोल न कर पाने का यह सबसे खराब रिकॉर्ड है, जो पहले तुर्की के नाम था।


बेलिंघम ने जताई निराशा

मैच के बाद इंग्लैंड के मिडफील्डर जूड बेलिंघम ने स्वीकार किया कि टीम अपने प्रदर्शन में अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा, कई कॉर्नर हासिल किए और आक्रमण भी किए, लेकिन घाना की मजबूत रक्षात्मक रणनीति को भेदने में असफल रहे।


आखिरी मिनटों में चूका इंग्लैंड

मुकाबले के अंतिम क्षणों में इंग्लैंड के पास जीत का सुनहरा अवसर था। एक हेडर क्रॉसबार से टकराने के बाद गेंद हैरी केन के पास पहुंची, लेकिन उनका प्रयास गोल में नहीं बदल सका। यह मौका मैच का निर्णायक पल साबित हो सकता था।


VAR पर उठे सवाल

घाना के पास भी बढ़त बनाने का मौका था जब प्रिंस अदू बॉक्स की ओर बढ़े, लेकिन एजरी कोंसा ने उन्हें पीछे से गिरा दिया। मैच के बाद घाना के कोच कार्लोस क्विरोज ने VAR के फैसलों पर सवाल उठाए। उनका मानना था कि उनकी टीम को एक स्पष्ट पेनल्टी मिलनी चाहिए थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि यदि उस मौके पर सही निर्णय लिया जाता, तो मैच का परिणाम अलग हो सकता था।