इंडिया-ए ने न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार वापसी की
इंडिया-ए की शानदार पारी
इंडिया-ए और न्यूजीलैंड-ए के बीच तीन मैचों की अनौपचारिक टेस्ट श्रृंखला का पहला मैच लिंकन में चल रहा है। इस चार दिवसीय मुकाबले के तीसरे दिन (26 अक्टूबर) तक, इंडिया-ए ने अपनी दूसरी पारी में 8 विकेट खोकर 488 रन बना लिए हैं। पहले मैच में 113 रन पर सिमटने के बाद, देवदत्त पडिक्कल ने शानदार वापसी की। इस युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 248 गेंदों में 24 चौके और 3 छक्कों की मदद से 199 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन एक विवादास्पद अंपायरिंग निर्णय के कारण वह दोहरे शतक से चूक गए।
विवादास्पद अंपायरिंग निर्णय
इंडिया-ए की दूसरी पारी के 89वें ओवर में, जैक गिब्सन की गेंद पर पडिक्कल ने शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन वह चूक गए। गेंद उनके बल्ले के पास से गुजरी, जिसके बाद न्यूजीलैंड-ए ने हल्की अपील की, और अंपायर ने आउट करार दे दिया। पडिक्कल इस निर्णय से हैरान थे और उनके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। उन्हें लगा कि अंपायर की गलती के कारण वह दोहरे शतक से चूक गए। अंततः, उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा, क्योंकि इस मैच में निर्णय समीक्षा प्रणाली उपलब्ध नहीं थी।
284 रन की बढ़त
न्यूजीलैंड-ए ने अपनी पहली पारी में 317 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी, जिससे मेज़बान टीम को 204 रन की बढ़त मिली। हालांकि, इंडिया-ए ने अपनी दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल के विकेट जल्दी खो दिए, जिससे हार का खतरा मंडराने लगा। लेकिन पडिक्कल ने साई सुदर्शन (91) के साथ मिलकर टीम को संकट से बाहर निकाला। इसके बाद, उन्होंने यश राठौड़ (66) के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण साझेदारी की।
अंतिम दिन की चुनौती
पडिक्कल के आउट होने के बाद, निचले क्रम में वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 51), अंशुल कम्बोज (23) और आकिब नबी (38) ने उपयोगी पारियां खेलीं, जिससे टीम ने 284 रन की बढ़त हासिल की। अब केवल एक दिन का खेल बचा है, और इंडिया-ए को जीत के लिए न्यूजीलैंड के सभी विकेट चटकाने होंगे।