इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में अजीब घटनाएं जारी
दिल्ली में चल रहा है बैडमिंटन टूर्नामेंट
नई दिल्ली: इंदिरा गांधी इंडोर एरिना में आयोजित इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में अजीब घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एक महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मैच के दौरान खेल को रोकना पड़ा, जो आयोजकों के लिए शर्मिंदगी का कारण बना।
इस बार खेल रुकने का कारण कोई तकनीकी समस्या नहीं थी, बल्कि स्टेडियम की छत से गिरा कचरा था। यह पहली बार नहीं हुआ है; इससे पहले एचएस प्रणय का मैच भी पक्षी की बीट के कारण रुका था। फैंस और स्थानीय लोगों ने इसे बेहद शर्मनाक करार दिया है।
मैच के दौरान चिड़िया का दखल
महिला डबल्स के सेमीफाइनल में चीन और दक्षिण कोरिया की शीर्ष जोड़ियों के बीच मुकाबला चल रहा था। खेल अपने चरम पर था कि अचानक स्टेडियम की छत से कुछ कचरा कोर्ट पर गिर गया। अंपायर ने तुरंत खेल रोकने का निर्णय लिया और सफाई कर्मचारियों को बुलाना पड़ा।
एचएस प्रणय का मैच दो बार रुका
शुरुआत में सभी को लगा कि यह फिर से वही पक्षी की बीट है, जिसके कारण एचएस प्रणय का मैच पहले भी रुका था। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार मामला अलग था। इस बार चिड़िया के घोंसले का सामान कोर्ट पर गिरा था। सफाई कर्मचारियों ने टिश्यू पेपर से कोर्ट को साफ किया, तब जाकर खेल फिर से शुरू हो सका।
खिलाड़ियों का गुस्सा
डेनमार्क की प्रमुख खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने सोशल मीडिया पर आयोजकों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यहां के ट्रेनिंग कोर्ट की स्थिति बेहद खराब है और ऐसी परिस्थितियों में खेलना कठिन है। मिया ने सवाल उठाया, "क्या यह स्थान विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े इवेंट के लिए तैयार है? यहां की स्थिति पूरी तरह से गैर-पेशेवर है।" खिलाड़ियों का मानना है कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट (Super 750) में ऐसी अव्यवस्था से उनका ध्यान भटक रहा है।
BWF का बयान
इतनी आलोचना के बावजूद बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने स्थल का बचाव किया है। उनका कहना है कि अगस्त में होने वाली विश्व चैंपियनशिप तक स्टेडियम को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया जाएगा और तब तक ऐसी समस्याएं हल कर दी जाएंगी।