इंडिया ओपन बैडमिंटन में पक्षियों के कारण खेल में व्यवधान: खिलाड़ियों की चिंताएं बढ़ीं
नई दिल्ली में अप्रत्याशित व्यवधान
नई दिल्ली: इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में गुरुवार को एक अप्रत्याशित घटना घटी, जिसकी किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी। विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता एचएस प्रणॉय और सिंगापुर के लोह कीन यू के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान खेल को पक्षियों की बीट के कारण दो बार रोकना पड़ा। यह घटना तब हुई जब बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव संजय मिश्रा ने हाल ही में कहा था कि दिल्ली का खेल स्थल कबूतर-मुक्त है।
रोमांचक मुकाबले में रुकावट
प्रणॉय और लोह के बीच का मुकाबला बेहद रोमांचक था, लेकिन अचानक कोर्ट पर पक्षियों की बीट गिरने से खेल रोकना पड़ा। आमतौर पर बैडमिंटन टूर्नामेंट में कोर्ट की सफाई केवल खिलाड़ियों के अनुरोध पर की जाती है। रेफरी खून या अन्य खतरनाक दाग की स्थिति में खेल को रोकते हैं, लेकिन पक्षियों की बीट जैसी घटना ने इस सुपर 750 प्रतियोगिता में व्यवधान उत्पन्न किया।
खिलाड़ियों की चिंताएं
प्रणॉय ने मीडिया से कहा कि उन्हें लगता है कि खेल पक्षियों की बीट के कारण रुका था, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों पर उंगली नहीं उठाई। उन्होंने यह भी बताया कि ठंड और वायु गुणवत्ता की चुनौती शुरुआती कुछ पॉइंट्स के बाद सामान्य लगने लगती है।
कई खिलाड़ियों ने दिल्ली में वायु प्रदूषण और ठंड को लेकर चिंता व्यक्त की। विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसन ने कहा कि उन्होंने प्रदूषण के कारण इंडिया ओपन से नाम वापस ले लिया और इसे शहर के लिए उपयुक्त नहीं बताया। वहीं, लोह ने सांस लेने में दिक्कत होने की बात कही और कहा कि वह मास्क पहनकर खेलते हैं।
अस्वच्छता और जांच
इंडिया ओपन के प्रशिक्षण स्थल, केडी जाधव इंडोर हॉल में अस्वच्छता के आरोपों के बाद टूर्नामेंट जांच के दायरे में आ गया। डेनमार्क की शटलर मिया ब्लिचफेल्ड ने प्रशिक्षण स्थल पर पक्षियों की बीट और स्वच्छता की कमी की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि यह लगातार दूसरे वर्ष ऐसा हो रहा है।
टूर्नामेंट स्थल का स्थानांतरण
इस टूर्नामेंट को बाद में केडी जाधव हॉल से इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया, जो अगस्त के अंत में विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। इस दौरान खिलाड़ियों को असुविधा के बावजूद मुकाबले में प्रदर्शन जारी रखना पड़ा।