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इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग: संतों का अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट

इंदौर में 12 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली सनातन प्रीमियर लीग एक अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट है, जिसमें प्रसिद्ध संत भाग लेंगे। यह आयोजन न केवल खेल है, बल्कि युवाओं में सनातन संस्कृति के संस्कारों का संचार करने का एक प्रयास है। संत क्रिकेट के मैदान पर अपनी फिटनेस और टीम स्पिरिट का प्रदर्शन करेंगे, जबकि 125 प्रतिभाशाली बच्चे भी इस लीग में भाग लेंगे। यह आयोजन खेल और धर्म के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
 

क्रिकेट और संस्कृति का अनूठा संगम


इंदौर में एक विशेष क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है, जो पारंपरिक क्रिकेट से भिन्न है। यह सनातन प्रीमियर लीग (SPL) 12 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। इस लीग का संचालन प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यह केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति को फैलाने का एक नया माध्यम है। आमतौर पर संतों को हम धार्मिक स्थलों पर देखते हैं, लेकिन इस बार वे क्रिकेट के मैदान में बल्ला और गेंद के साथ नजर आएंगे।


प्रतिभागी संतों की सूची

इस लीग में कई प्रमुख संत और कथावाचक भाग लेंगे, जिनमें प्रदीप मिश्रा महाराज, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, चिन्मयानंद बापू, रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य, त्रिलोचन दर्शन दास और अनिरुद्धाचार्य महाराज शामिल हैं। आयोजन के राष्ट्रीय सचिव शत्रुध्न तिवारी ने बताया कि ये संत अब तक केवल भक्तों को ज्ञान देते आए हैं, लेकिन अब वे मैदान पर अपनी फिटनेस और टीम स्पिरिट का प्रदर्शन करेंगे।


युवाओं के लिए संस्कारों का संचार

इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सनातन धर्म के सकारात्मक संस्कारों का संचार करना है। यह दिखाना है कि सनातन संस्कृति आधुनिक खेलों और फिटनेस के साथ सामंजस्य स्थापित कर सकती है। खेल के माध्यम से सेवा-भाव को जागृत करना और युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देना इसका लक्ष्य है।


प्रतिभाशाली बच्चों की भागीदारी

देशभर से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 125 प्रतिभाशाली बच्चों को इस प्रीमियर लीग के लिए चुना गया है। इन बच्चों के लिए रहने, खाने और खेलने की सभी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई गई हैं। ये बच्चे भी संतों के साथ मैच खेलेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह चार दिवसीय आयोजन इंदौर में होगा, जहां क्रिकेट, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनोखा मेल देखने को मिलेगा। यह लीग युवाओं को यह सिखाएगी कि खेल और धर्म एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि एक साथ चल सकते हैं।