ईरान की फुटबॉल टीम की कठिनाइयाँ: वीजा से लेकर राजनीतिक दबाव तक
ईरान की टीम का संघर्ष
फुटबॉल के विश्व स्तर पर ईरान की टीम को मैदान के बाहर भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खेल से पहले और बाद में उन्हें जो कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही हैं, वे अत्यंत कठिन हैं। वीजा में रुकावट, लंबी यात्रा और राजनीतिक दबाव के बीच ईरानी खिलाड़ी मैदान पर उतर रहे हैं, जो अपने आप में एक चौंकाने वाली स्थिति है।
मैच के बाद अमेरिका छोड़ने का आदेश
न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉस एंजेलेस के सोफी स्टेडियम में खेल के बाद, ईरान के मुख्य कोच अमीर घालेनोइ ने मीडिया के सामने अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि हर मैच के बाद टीम को तुरंत अमेरिका छोड़ने का निर्देश दिया जाता है। वीजा की शर्तों और सुरक्षा कारणों से उनकी टीम का ठिकाना मेक्सिको के तिजुआना में है, और खिलाड़ी मैच के दिन ही अमेरिका आते हैं। कोच ने कहा कि उन्होंने अपना अधिकांश समय हवाई यात्रा में बिताया है और उन्हें रिकवरी का कोई अवसर नहीं मिल रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान शायद इस वर्ल्ड कप की सबसे अधिक प्रताड़ित टीम है। फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने स्थिति को और भी कठिन बना दिया है।
फीफा से अधिक सहायता की अपेक्षा: कप्तान तारेमी
मैच के बाद फीफा के अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो खुद ईरानी टीम के लॉकर रूम में पहुंचे। टीम के कप्तान मेहदी तारेमी ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही इन्फेंटिनो मदद करना चाहते हों, यह मामला कहीं अधिक जटिल है। तारेमी ने यह भी बताया कि ईरान फुटबॉल फेडरेशन के प्रमुख मेहदी ताज और सपोर्ट स्टाफ के कई सदस्यों को अमेरिका आने की अनुमति नहीं दी गई। कप्तान ने आशा व्यक्त की कि आगामी मैचों में फीफा इस मुद्दे पर आवश्यक कदम उठाएगा। ईरान ने पहले ही अपने मैच अमेरिका से बाहर कराने की मांग की थी, लेकिन फीफा ने वेन्यू कॉन्ट्रैक्ट का हवाला देकर इसे अस्वीकार कर दिया।
मैदान पर जज्बा
लॉस एंजेलेस के आसपास ईरानी मूल के लोगों की बड़ी संख्या के कारण स्टेडियम का माहौल काफी अजीब था। जब ईरान का राष्ट्रगान बजा, तो कुछ दर्शकों ने हूटिंग की और मैदान की ओर पीठ कर ली, लेकिन जैसे ही खेल शुरू हुआ, सभी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। मैदान पर ईरानी टीम ने भी अद्भुत जज्बा दिखाया। न्यूजीलैंड की 85वीं रैंकिंग की टीम ने पहले बढ़त बनाई, लेकिन 20वीं रैंकिंग वाली ईरानी टीम ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त किया।