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एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट्स को मिली कठिनाइयाँ, इंतजार और अव्यवस्थाएँ

जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स का आगाज होने वाला है, लेकिन भारतीय एथलीट्स को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपने कमरों तक पहुंचने के लिए 14 घंटे का इंतजार करना पड़ा, जबकि स्थानीय अधिकारियों ने मदद करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। कई एथलीट्स को कमरे नहीं मिले और उन्हें अन्य खिलाड़ियों के साथ साझा करना पड़ा। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या समस्याएँ सामने आईं।
 

एशियन गेम्स का आगाज और समस्याएँ

जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से शुरू होने वाला है। एथलीट्स अब नागोया पहुंचने लगे हैं, लेकिन उन्हें गंभीर अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय एथलीट्स को अपने कमरों तक पहुंचने के लिए 14 घंटे का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान वे भूखे-प्यासे इधर-उधर भटकते रहे।


स्थानीय अधिकारियों की कमी

हालांकि भारतीय खिलाड़ियों के पास वैध एक्रेडिटेशन था, फिर भी कई को समय पर कमरे नहीं मिल सके। उन्हें सीमित सुविधाओं में समय बिताना पड़ा। स्थानीय अधिकारियों ने उनकी मदद करने में बहुत कम रुचि दिखाई। जिन एथलीट्स को कमरे मिले, उन्हें भी अन्य खिलाड़ियों के साथ साझा करना पड़ा।


कमरों का वितरण और अव्यवस्था

आयोजन समिति ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए निर्धारित कमरों को अन्य देशों के एथलीट्स को आवंटित कर दिया, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई। ये कमरे शहर में स्थित क्रूज शिप पर बनाए गए हैं। एथलीट्स की संख्या के हिसाब से व्यवस्थाएँ अपर्याप्त हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि जापान को एक साथ इतनी बड़ी संख्या में एथलीट्स के आगमन का अनुमान नहीं था।


रोवर्स की कठिनाई

भारतीय रोविंग टीम ने मंगलवार (15 सितंबर) को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए उड़ान भरी। पहले बैच के कुछ घंटे बाद दूसरा बैच रवाना हुआ। बैंकॉक में थोड़ी देर रुकने के बाद, पहला बैच बुधवार सुबह लगभग 8 बजे (जापानी समयानुसार) नागोया पहुंचा। रिपोर्टों के अनुसार, यह बैच एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचा, लेकिन वहां उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।


एक रोवर की आपबीती

एक रोवर ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, 'हम सुबह करीब 9 बजे (जापानी समयानुसार) पहुंचे और अब रात के 8:30 बज चुके हैं, लेकिन हमें में से कुछ ही लोगों को कमरे मिले हैं। जिनको कमरे मिले, उनसे कहा गया कि वे अन्य एथलीट्स को भी अपने साथ ठहराएं।'


अन्य टीमों की समस्याएँ

रोवर्स के अलावा, शूटर्स और अन्य टीमों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। शूटर्स के कमरे भी अन्य एथलीट्स को आवंटित कर दिए गए थे, जिससे उन्हें एक अलग होटल में ठहरना पड़ा। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के कुछ सदस्यों को भी पास के होटल में भेजा गया और मेडिकल टीम को भी कुछ समय के लिए उनके साथ समायोजित करना पड़ा।


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