ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप से पहले बड़ा झटका
ऑस्ट्रेलिया की टीम में कमी
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले एक गंभीर झटका लगा है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज पैट कमिंस पहले दो मैचों में नहीं खेल पाएंगे। यह खबर ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, क्योंकि कमिंस को टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।
कमिंस की चोट की स्थिति
पैट कमिंस वर्तमान में बोन स्ट्रेस इंजरी से पीड़ित हैं। यह वही समस्या है, जिसके कारण वह पहले एशेज सीरीज के दौरान कई टेस्ट मैचों से बाहर रहे थे। उनकी चिकित्सा टीम उनकी देखभाल कर रही है, लेकिन वह अभी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाए हैं।
चयन समिति की जानकारी
चयन समिति ने दी स्थिति की जानकारी
ऑस्ट्रेलिया के चयन समिति के प्रमुख जॉर्ज बेली ने स्पष्ट किया है कि कमिंस वर्ल्ड कप के प्रारंभिक चरण में उपलब्ध नहीं होंगे। उनके अनुसार, पैट कमिंस तीसरे या चौथे मैच के आस-पास टीम में शामिल हो सकते हैं। बेली ने यह भी कहा कि यदि स्थिति में कोई बदलाव होता है, तो टीम प्रबंधन उसके अनुसार विकल्प तैयार रखेगा।
पाकिस्तान टी20 सीरीज से अनुपस्थिति
पाकिस्तान टी20 सीरीज से भी रहेंगे दूर
पैट कमिंस ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच होने वाली तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में भी नहीं खेलेंगे। यह सीरीज़ 29 से 31 जनवरी के बीच आयोजित की जाएगी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका जाएगी, जहां 11 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ उनका पहला टी20 वर्ल्ड कप मैच होगा।
अन्य खिलाड़ियों की अनुपस्थिति
कई बड़े खिलाड़ी भी पाकिस्तान दौरे से बाहर
पैट कमिंस के अलावा, ऑस्ट्रेलिया के कुछ अन्य अनुभवी खिलाड़ी भी पाकिस्तान दौरे का हिस्सा नहीं होंगे। इनमें ग्लेन मैक्सवेल, जोश हेज़लवुड, टिम डेविड और नाथन एलिस शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी सीधे टी20 वर्ल्ड कप टीम के साथ जुड़ेंगे।
नए खिलाड़ियों को मौका
नए खिलाड़ियों को मिला मौका
सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं ने कुछ नए और युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है। पाकिस्तान दौरे के लिए जिन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है, उनमें सीन एबॉट, महली बीर्डमैन, बेन ड्वारशुइस, जैक एडवर्ड्स, जोश फिलिप, मिच ओवेन और मैट रेनशॉ शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया की चुनौती
ऑस्ट्रेलिया के लिए चुनौतीपूर्ण शुरुआत
टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में पैट कमिंस जैसे अनुभवी गेंदबाज का न होना ऑस्ट्रेलिया के लिए एक चुनौती बन सकता है। हालांकि, टीम की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत मानी जाती है और युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का अच्छा अवसर होगा। अब देखना यह होगा कि ऑस्ट्रेलिया शुरुआती मैचों में इस कमी को कैसे संभालता है।