कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जादुमणि सिंह ने बॉक्सिंग में जीता सिल्वर, भारत का मेडल काउंट 30 पर पहुंचा
भारत को मिला एक और मेडल
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में एक और पदक हासिल किया है। मणिपुर के जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम ने पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस उपलब्धि के साथ भारत का कुल मेडल काउंट 30 हो गया।
फाइनल में डिक्सन के खिलाफ मुकाबला
स्कॉटलैंड के इवेंट कैंपस में हुए फाइनल में जादुमणि का मुकाबला ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सर जे डिक्सन से हुआ। तीन राउंड तक चले इस मुकाबले में सभी पांच जजों ने सर्वसम्मति से डिक्सन को विजेता घोषित किया। स्कोरकार्ड पर डिक्सन का दबदबा स्पष्ट था। जज नंबर 1, 3 और 4 ने 29-28 से जबकि जज नंबर 2 और 5 ने 30-27 से डिक्सन के पक्ष में फैसला दिया।
पहले राउंड में मुकाबला बराबरी का रहा, जहां दोनों ने तेज पंच और फुटवर्क का प्रदर्शन किया। लेकिन धीरे-धीरे डिक्सन ने अपनी सटीकता और रिंग पर नियंत्रण से बढ़त बना ली। जादुमणि ने अंतिम राउंड में गति बढ़ाकर वापसी की कोशिश की, लेकिन वह अंतर को कम नहीं कर पाए। अंततः डिक्सन ने गोल्ड अपने नाम किया।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड के बॉक्सर को हराया
हालांकि हार के बावजूद, 22 वर्षीय जादुमणि का सफर शानदार रहा। यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था और उन्होंने पहले ही प्रयास में फाइनल तक का सफर तय किया। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के एलिस ट्रोब्रिज को 5-0 से एकतरफा मात दी थी, जिससे भारत का बॉक्सिंग में मेडल पक्का हुआ।
पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी थी करारी शिकस्त
जादुमणि ने अपने अभियान की शुरुआत राउंड ऑफ 16 से की, जहां उन्होंने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से हराया। इस जीत को उन्होंने कारगिल युद्ध के नायकों को समर्पित किया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल जीतकर उन्होंने भारत के लिए मेडल सुनिश्चित किया। 50 किग्रा से ऊपर आकर 55 किग्रा में खेलने वाले जादुमणि ने साबित किया कि वजन कैटेगरी बदलने से उनके प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ा।
भारत के लिए बॉक्सिंग में तीसरा मेडल
इस दिन पहले प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के वर्ग में गोल्ड जीतकर देश को गर्वित किया। जादुमणि के सिल्वर के साथ भारत के पास अब बॉक्सिंग में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर हो गया है।
हालांकि गोल्ड हाथ से निकल गया, लेकिन जादुमणि का यह सिल्वर भारत के बॉक्सिंग अभियान के लिए महत्वपूर्ण है। ग्लासगो में भारतीय दल का प्रदर्शन कई वेट कैटेगरी में उत्कृष्ट रहा और जादुमणि ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया।