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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने बॉक्सिंग में भारत को दिलाए स्वर्ण पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन किया। प्रीति पवार ने 54 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किग्रा वर्ग में जीत हासिल की। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में बेहतरीन खेल दिखाया, जिससे भारत को दो स्वर्ण पदक मिले। जानें कैसे इन दोनों ने अपने मुकाबलों में दबाव को संभाला और जीत हासिल की।
 

भारत की पहली स्वर्ण पदक जीत


नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में अपनी पहली सफलता हासिल की है। महिला 54 किग्रा वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। प्रीति की इस शानदार जीत के बाद, जैस्मिन लंबोरिया ने भी फाइनल में जीत हासिल कर भारत के लिए दूसरा गोल्ड मेडल जोड़ा।


फाइनल में प्रीति की शानदार जीत

54 किग्रा के फाइनल में प्रीति का मुकाबला डेलगाडो से हुआ। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआत से ही रिंग पर अपनी पकड़ मजबूत की। पहले राउंड में दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन प्रीति के सटीक पंचों ने जजों का ध्यान खींचा। सभी पांच जजों ने इस राउंड को 10-9 से प्रीति के पक्ष में दिया।


दूसरे राउंड में प्रीति का दबदबा

दूसरे राउंड में कनाडाई खिलाड़ी ने तेज शुरुआत की, लेकिन प्रीति का फुटवर्क और टाइमिंग बेहतरीन रहा। उन्होंने डेलगाडो को लगातार पीछे धकेलते हुए सीधे पंच मारे। इस दौरान डेलगाडो को स्टैंडिंग काउंट भी लेना पड़ा। सभी जजों ने इस राउंड में भी प्रीति को विजेता माना, जिससे उनकी बढ़त और मजबूत हो गई।


आखिरी राउंड में प्रीति की मजबूती

तीसरे राउंड में डेलगाडो ने वापसी की कोशिश की, लेकिन प्रीति ने संयम बनाए रखा। उन्होंने बचाव के साथ-साथ काउंटर पंच लगाकर अपनी लीड को बनाए रखा। अंततः जजों ने सर्वसम्मति से प्रीति को विजेता घोषित किया, जिससे भारत को CWG 2026 में बॉक्सिंग का पहला स्वर्ण पदक मिला।


जैस्मिन की ऐतिहासिक जीत

प्रीति की जीत के तुरंत बाद रिंग में उतरीं जैस्मिन लंबोरिया ने भी देश को गर्वित किया। महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में उन्होंने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को हराया। पहले राउंड में जैस्मिन ने 3-2 के स्प्लिट फैसले से जीत हासिल की।


दूसरे राउंड में उन्होंने अपनी लंबी रीच और तेज पंचों से दबदबा बनाया और सर्वसम्मति से बढ़त ले ली। आखिरी राउंड में वॉल्श ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जैस्मिन ने धैर्य से खेलते हुए सही समय पर सटीक वार किए। इस तरह, भारत ने बॉक्सिंग में दूसरा स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।


प्रीति और जैस्मिन की इन जीतों ने भारतीय टीम में उत्साह भर दिया है। दोनों ने यह साबित किया है कि दबाव में भी शांत रहकर खेलना महत्वपूर्ण है। CWG 2026 में बॉक्सिंग टीम की यह शुरुआत भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।