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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत की सफलता और पाकिस्तान की चुनौतियाँ

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने 17 मेडल जीते हैं। जबकि पाकिस्तान अब तक एक भी पदक नहीं जीत सका है। बॉक्सिंग में फातिमा जहरा सेमीफाइनल में पहुँच चुकी हैं, जिससे पाकिस्तान को पदक की उम्मीद है। भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी अरशद नदीम पर भी नजरें हैं। कुश्ती की अनुपस्थिति ने पाकिस्तान की पदक संभावनाओं को प्रभावित किया है। जानें इस प्रतियोगिता में दोनों देशों के प्रदर्शन की पूरी कहानी।
 

भारत का शानदार प्रदर्शन


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा है। 30 जुलाई तक भारत ने तीन स्वर्ण सहित कुल 17 पदक जीते हैं, और बॉक्सिंग में 10 पदक पहले ही सुनिश्चित हो चुके हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान अब तक एक भी पदक नहीं जीत सका है। इस प्रतियोगिता में 74 देशों के बीच पाकिस्तान के 21 एथलीट शामिल हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है।


भारत और पाकिस्तान के बीच का अंतर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक तालिका लगातार मजबूत होती जा रही है। भारतीय एथलीट विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके विपरीत, पाकिस्तान अब तक पदक जीतने में असफल रहा है। इस बार पाकिस्तान ने छह खेलों में अपने खिलाड़ियों को उतारा है, लेकिन प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरणों में निराशा ही हाथ लगी है।


बॉक्सिंग से पाकिस्तान की उम्मीदें

पाकिस्तान के लिए अब तक की सबसे अच्छी खबर बॉक्सिंग से आई है। महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में फातिमा जहरा सेमीफाइनल में पहुँच चुकी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार, सेमीफाइनल में पहुँचने वाले एथलीट का पदक सुनिश्चित माना जाता है। इस प्रकार, पाकिस्तान का पहला पदक लगभग तय हो गया है।


अरशद नदीम पर नजरें

भाला फेंक में पाकिस्तान के प्रमुख एथलीट अरशद नदीम फाइनल में पहुँच चुके हैं। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन अरशद से पाकिस्तान को बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि, चोट के बाद उनका प्रदर्शन पहले जैसा प्रभावशाली नहीं रहा है, फिर भी फाइनल में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।


कुश्ती की अनुपस्थिति से बढ़ी चुनौतियाँ

कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत कुश्ती रही है। देश के 27 स्वर्ण पदकों में से 21 गोल्ड इसी खेल से आए हैं। कुल 82 पदकों में से 46 पदक भी कुश्ती से प्राप्त हुए हैं। इस बार प्रतियोगिता में कुश्ती शामिल नहीं होने के कारण पाकिस्तान की पदक संभावनाओं पर बड़ा असर पड़ा है।


इतिहास और वर्तमान चुनौतियाँ

पाकिस्तान 1954 से कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहा है। 2022 के बर्मिंघम खेलों में उसने दो स्वर्ण सहित सात पदक जीते थे। वहीं, उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1962 में रहा, जब उसने आठ स्वर्ण समेत नौ पदक अपने नाम किए थे। इस बार पाकिस्तान के सामने उस विरासत को बनाए रखने और पदक तालिका में स्थान बनाने की बड़ी चुनौती है।