कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत के एथलीटों ने जीते नए पदक, हरजिंदर और गुलवीर की शानदार उपलब्धियां
भारत का शानदार प्रदर्शन जारी
नई दिल्ली: ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मंगलवार को भारत ने दो और रजत पदक अपने नाम किए। वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर और लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया।
इस बीच, भारतीय बॉक्सरों ने भी सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है, जिससे कम से कम तीन और पदक सुनिश्चित हो गए हैं। अब तक भारत ने प्रतियोगिता में 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 12 पदक जीते हैं। पदक तालिका में भारत का स्थान नौवां है।
हरजिंदर कौर ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का किया प्रदर्शन
महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में हरजिंदर कौर ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली हरजिंदर ने इस बार रजत पदक हासिल किया।
उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 227 किलोग्राम का स्कोर बनाया। इस दौरान उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में कॉमनवेल्थ गेम्स के रिकॉर्ड भी तोड़े। हालांकि, कनाडा की चार्लोट सिमोनो ने कुल 240 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
गुलवीर सिंह ने बनाया नया इतिहास
हरजिंदर की सफलता के तुरंत बाद, गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक जीता। वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।
बारिश और फिसलन भरे ट्रैक के बावजूद, गुलवीर ने शानदार दौड़ लगाई। उन्होंने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकाला और केवल 0.85 सेकंड के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए। उनका यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
विशाल टीके ने सेमीफाइनल में बनाई जगह
पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अब उनसे अगले दौर में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
बॉक्सिंग में भारत की मजबूत स्थिति
भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार खेल का प्रदर्शन किया। प्रिया घंघास, प्रीति पवार और जादुमनी सिंह ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही भारत के लिए कम से कम तीन कांस्य पदक पक्के हो गए हैं।
हालांकि, परवीन हुड्डा और कपिल पोखरिया अपने मुकाबले हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। इसके बावजूद, भारतीय दल का कुल प्रदर्शन अब तक बेहद प्रभावशाली रहा है और आने वाले दिनों में पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।